कृष्ण जन्माष्टमी 2034 — मंगलवार, 05-09-2034
कृष्ण जन्माष्टमी 2034: मंगलवार, 05-09-2034।
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (अमांत पंचांग में श्रावण)।
तिथि आरंभ6:18 सुबह05-09-2034
तिथि समाप्त4:08 सुबह, 6 सितंबर06-09-2034
क्या किया जाता है
श्री कृष्ण का जन्मदिन, जो मथुरा में कंस की जेल में आधी रात को जन्मे थे। लोग दिन भर व्रत रखते हैं, लड्डू गोपाल का झूला सजाते हैं, और आधी रात तक भजन गाते हैं, जब शंख और घंटियों के साथ पूजा करके जन्म मनाया जाता है और प्रसाद से व्रत खोला जाता है। मथुरा और वृंदावन में कई दिन उत्सव चलता है। महाराष्ट्र में अगले दिन दही हांडी होती है, जब युवक एक-दूसरे पर चढ़कर दही की मटकी फोड़ते हैं।
कृष्ण जन्माष्टमी की आरती और कथा
दिल्ली में दिन के मुहूर्त
| नाम | समय |
|---|---|
| Brahma Muhurta | 4:30 सुबह – 5:15 सुबह |
| Pratah Sandhya | 4:53 सुबह – 6:01 सुबह |
| Yamaganda | 9:10 सुबह – 10:45 सुबह |
| Abhijit | 11:54 सुबह – 12:45 दोपहर |
| Gulika | 12:20 दोपहर – 1:54 दोपहर |
| Vijaya Muhurta | 2:26 दोपहर – 3:16 दोपहर |
| Rahu Kaal | 3:29 दोपहर – 5:04 शाम |
| Godhuli Muhurta | 6:38 शाम – 7:01 शाम |
| Sayahna Sandhya | 6:38 शाम – 7:47 शाम |
| Nishita Muhurta | 11:57 रात – 12:43 रात, 6 सितंबर |
कृष्ण जन्माष्टमी दूसरे सालों में
| 2033 | बुधवार, 17-08-2033 |
| 2034 | मंगलवार, 05-09-2034 |
| 2035 | रविवार, 26-08-2035 |
| 2036 | शुक्रवार, 15-08-2036 |
| 2037 | गुरुवार, 03-09-2037 |
| 2038 | सोमवार, 23-08-2038 |