पापमोचनी एकादशी 2034 — गुरुवार, 16-03-2034
पापमोचनी एकादशी 2034: गुरुवार, 16-03-2034। दिल्ली में पारण (व्रत खोलना): शुक्रवार, 17-03-2034, 6:46 सुबह से 8:52 सुबह तक।
चैत्र कृष्ण एकादशी (अमांत पंचांग में फाल्गुन)।
तिथि आरंभ1:51 रात16-03-2034
तिथि समाप्त1:08 रात, 17 मार्च17-03-2034
पारण (व्रत खोलने का समय)6:46 सुबह – 8:52 सुबहशुक्रवार, 17-03-2034 · दिल्ली में
क्या किया जाता है
पापमोचनी का मतलब है पापों से छुड़ाने वाली। यह हिंदू नव वर्ष से पहले की आख़िरी एकादशी है। इसकी कथा ऋषि मेधावी की है, जिन्होंने अपनी एक भूल को मिटाने के लिए पिता के कहने पर यह व्रत रखा। हर एकादशी की तरह यह भगवान विष्णु के लिए रखी जाती है: चावल और अनाज नहीं खाए जाते, और व्रत अगले दिन द्वादशी को, इस पन्ने पर दिए पारण के समय खोला जाता है।
पापमोचनी एकादशी की आरती और कथा
दिल्ली में दिन के मुहूर्त
| नाम | समय |
|---|---|
| Brahma Muhurta | 4:54 सुबह – 5:42 सुबह |
| Pratah Sandhya | 5:18 सुबह – 6:30 सुबह |
| Yamaganda | 6:30 सुबह – 8:00 सुबह |
| Gulika | 9:30 सुबह – 11:00 सुबह |