पापमोचनी एकादशी 2035 — बुधवार, 04-04-2035
पापमोचनी एकादशी 2035: बुधवार, 04-04-2035। दिल्ली में पारण (व्रत खोलना): गुरुवार, 05-04-2035, 6:07 सुबह से 8:37 सुबह तक।
चैत्र कृष्ण एकादशी (अमांत पंचांग में फाल्गुन)।
तिथि आरंभ8:48 रात03-04-2035
तिथि समाप्त9:22 रात04-04-2035
पारण (व्रत खोलने का समय)6:07 सुबह – 8:37 सुबहगुरुवार, 05-04-2035 · दिल्ली में
क्या किया जाता है
पापमोचनी का मतलब है पापों से छुड़ाने वाली। यह हिंदू नव वर्ष से पहले की आख़िरी एकादशी है। इसकी कथा ऋषि मेधावी की है, जिन्होंने अपनी एक भूल को मिटाने के लिए पिता के कहने पर यह व्रत रखा। हर एकादशी की तरह यह भगवान विष्णु के लिए रखी जाती है: चावल और अनाज नहीं खाए जाते, और व्रत अगले दिन द्वादशी को, इस पन्ने पर दिए पारण के समय खोला जाता है।
पापमोचनी एकादशी की आरती और कथा
दिल्ली में दिन के मुहूर्त
| नाम | समय |
|---|---|
| Brahma Muhurta | 4:36 सुबह – 5:22 सुबह |
| Pratah Sandhya | 4:59 सुबह – 6:08 सुबह |
| Yamaganda | 7:42 सुबह – 9:16 सुबह |
| Gulika | 10:50 सुबह – 12:24 दोपहर |
| Rahu Kaal | 12:24 दोपहर – 1:58 दोपहर |
| Vijaya Muhurta | 2:30 दोपहर – 3:20 दोपहर |
| Godhuli Muhurta | 6:41 शाम – 7:04 शाम |
| Sayahna Sandhya | 6:41 शाम – 7:49 शाम |
| Nishita Muhurta | 12:01 रात – 12:47 रात, 5 अप्रैल |
पापमोचनी एकादशी दूसरे सालों में
| 2034 | गुरुवार, 16-03-2034 |
| 2035 | बुधवार, 04-04-2035 |
| 2036 | रविवार, 23-03-2036 |
| 2037 | गुरुवार, 12-03-2037 |
| 2038 | बुधवार, 31-03-2038 |
| 2039 | रविवार, 20-03-2039 |