ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
oṁ namaḥ śivāya
अर्थ
पाँच अक्षर — न, मः, शि, वा, य — इसीलिए इसे पंचाक्षर मंत्र कहते हैं। सीधा अर्थ है: शिव को नमन। परंपरा कहती है कि यह नमन अहंकार को किनारे रखना सिखाता है — मैं नहीं, शिव। शैव परंपरा में यही सबसे पहला और सबसे बड़ा मंत्र है।
जाप कैसे करें
सोमवार और सावन में विशेष, पर यह रोज़ का मंत्र है — किसी भी समय, किसी भी अवस्था में जपा जाता है। गिनती 108 की माला से; रुद्राक्ष की माला परंपरा में इसी मंत्र के लिए है।
इस नाम के पाठ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या ॐ नमः शिवाय बिना माला के जप सकते हैं?
हाँ — माला गिनने का साधन है, साधना नहीं। चलते-फिरते, काम के बीच भी यह नाम जपा जाता है।
ॐ नमः शिवाय और महामृत्युंजय मंत्र में क्या अंतर है?
दोनों शिव के मंत्र हैं, पर अलग हैं। पंचाक्षर रोज़ के नमन का मंत्र है; महामृत्युंजय एक लंबा वैदिक मंत्र है जो विशेष संकल्प से जपा जाता है।