संपत्ति मुहूर्त 2026-2027 — शुभ दिन
आगे 32 शुभ दिन · टोरंटो · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
मई 2027
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नवंबर 2026
चर 6:42 शाम – 8:29 रात8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- मूलपाद 1
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:14 सुबह – 6:11 सुबह57मिचर10:48 सुबह – 12:01 दोपहर1घं 13मिअभिजित मुहूर्त11:42 सुबह – 12:21 दोपहर39मिलाभ12:01 दोपहर – 1:15 दोपहर1घं 13मिशुभ3:42 दोपहर – 4:55 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त4:55 शाम – 5:24 शाम28मिअमृत4:55 शाम – 6:42 शाम1घं 47मिचर6:42 शाम – 8:29 रात1घं 47मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
लाभ 8:28 रात – 10:15 रात10 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्थी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 1
- योग
- धृति
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:15 सुबह – 6:12 सुबह57मिअमृत10:13 सुबह – 10:48 सुबह35मिशुभ12:02 दोपहर – 1:15 दोपहर1घं 13मिविजय मुहूर्त1:39 दोपहर – 2:18 दोपहर39मिचर3:41 दोपहर – 4:54 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त4:54 शाम – 5:23 शाम29मिलाभ8:28 रात – 10:15 रात1घं 47मिशुभ12:02 रात – 1:49 रात, 14 नवंबर1घं 47मिअमृत1:49 रात – 3:36 रात, 14 नवंबर1घं 47मिचर3:36 रात – 5:23 सुबह, 14 नवंबर1घं 47मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 6:38 शाम – 8:26 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- पूर्व भाद्रपदपाद 2
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:21 सुबह – 6:19 सुबह58मिचर10:51 सुबह – 12:03 दोपहर1घं 12मिअभिजित मुहूर्त11:44 सुबह – 12:22 दोपहर38मिलाभ12:03 दोपहर – 1:14 दोपहर1घं 12मिशुभ3:37 दोपहर – 4:49 शाम1घं 12मिगोधूलि मुहूर्त4:49 शाम – 5:18 शाम29मिअमृत4:49 शाम – 6:38 शाम1घं 49मिचर6:38 शाम – 8:26 रात1घं 49मिलाभ12:03 रात – 1:52 रात, 20 नवंबर1घं 49मिशुभ3:41 रात – 5:29 सुबह, 20 नवंबर1घं 49मिअमृत5:29 सुबह – 7:18 सुबह, 20 नवंबर1घं 49मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
लाभ 8:26 रात – 10:15 रात6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 2
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:22 सुबह – 6:20 सुबह58मिचर7:18 सुबह – 8:29 सुबह1घं 11मिलाभ8:26 रात – 10:15 रात1घं 49मिशुभ12:04 रात – 1:52 रात, 21 नवंबर1घं 49मिअमृत1:52 रात – 3:41 रात, 21 नवंबर1घं 49मिचर3:41 रात – 5:30 सुबह, 21 नवंबर1घं 49मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:05 रात – 1:56 रात, 27 नवंबर7 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 1
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:28 सुबह – 6:26 सुबह59मिचर10:55 सुबह – 12:05 दोपहर1घं 10मिअभिजित मुहूर्त11:46 सुबह – 12:23 दोपहर37मिलाभ12:05 दोपहर – 1:01 दोपहर56मिलाभ12:05 रात – 1:56 रात, 27 नवंबर1घं 50मिशुभ3:46 रात – 5:36 सुबह, 27 नवंबर1घं 50मिअमृत5:36 सुबह – 7:26 सुबह, 27 नवंबर1घं 50मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 8:25 रात – 10:15 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 1
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:29 सुबह – 6:28 सुबह59मिचर7:26 सुबह – 8:36 सुबह1घं 10मिअमृत9:46 सुबह – 10:55 सुबह1घं 10मिशुभ12:05 दोपहर – 1:15 दोपहर1घं 10मिविजय मुहूर्त1:38 दोपहर – 2:15 दोपहर37मिचर3:34 दोपहर – 4:44 शाम1घं 10मिगोधूलि मुहूर्त4:44 शाम – 5:13 शाम29मिलाभ8:25 रात – 10:15 रात1घं 50मिशुभ12:06 रात – 1:56 रात, 28 नवंबर1घं 50मिअमृत1:56 रात – 3:47 रात, 28 नवंबर1घं 50मिचर3:47 रात – 5:37 सुबह, 28 नवंबर1घं 50मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
दिसंबर 2026
अमृत 4:41 शाम – 6:33 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- मूलपाद 4
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:40 सुबह – 6:40 सुबह1घंचर11:03 सुबह – 12:10 दोपहर1घं 8मिअभिजित मुहूर्त11:52 सुबह – 12:28 दोपहर36मिलाभ12:10 दोपहर – 1:18 दोपहर1घं 8मिशुभ3:33 दोपहर – 4:41 शाम1घं 8मिगोधूलि मुहूर्त4:41 शाम – 5:11 शाम30मिअमृत4:41 शाम – 6:33 शाम1घं 52मिचर6:33 शाम – 8:26 रात1घं 52मिलाभ12:11 रात – 2:03 रात, 11 दिसंबर1घं 52मिशुभ3:56 रात – 5:48 सुबह, 11 दिसंबर1घं 52मिअमृत5:48 सुबह – 7:41 सुबह, 11 दिसंबर1घं 52मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 8:26 रात – 10:19 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:41 सुबह – 6:41 सुबह1घंचर7:41 सुबह – 8:48 सुबह1घं 8मिअमृत9:56 सुबह – 11:03 सुबह1घं 8मिशुभ12:11 दोपहर – 1:18 दोपहर1घं 8मिविजय मुहूर्त1:41 दोपहर – 2:17 दोपहर36मिचर3:33 दोपहर – 4:41 शाम1घं 8मिगोधूलि मुहूर्त4:41 शाम – 5:11 शाम30मिलाभ8:26 रात – 10:19 रात1घं 53मिशुभ12:11 रात – 2:04 रात, 12 दिसंबर1घं 53मिअमृत2:04 रात – 3:56 रात, 12 दिसंबर1घं 53मिचर3:56 रात – 5:49 सुबह, 12 दिसंबर1घं 53मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 6:35 शाम – 8:28 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 1
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:45 सुबह – 6:45 सुबह1घंचर11:07 सुबह – 12:14 दोपहर1घं 7मिअभिजित मुहूर्त11:56 सुबह – 12:32 दोपहर36मिलाभ12:14 दोपहर – 1:21 दोपहर1घं 7मिशुभ3:35 दोपहर – 4:42 शाम1घं 7मिगोधूलि मुहूर्त4:42 शाम – 5:12 शाम30मिअमृत4:42 शाम – 6:35 शाम1घं 53मिचर6:35 शाम – 8:28 रात1घं 53मिलाभ12:14 रात – 2:07 रात, 18 दिसंबर1घं 53मिशुभ4:00 सुबह – 5:53 सुबह, 18 दिसंबर1घं 53मिअमृत5:53 सुबह – 7:46 सुबह, 18 दिसंबर1घं 53मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 8:29 रात – 10:22 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:45 सुबह – 6:46 सुबह1घंचर7:46 सुबह – 8:53 सुबह1घं 7मिअमृत10:00 सुबह – 11:07 सुबह1घं 7मिशुभ12:14 दोपहर – 1:21 दोपहर1घं 7मिविजय मुहूर्त1:44 दोपहर – 2:19 दोपहर36मिचर3:35 दोपहर – 4:43 शाम1घं 7मिगोधूलि मुहूर्त4:43 शाम – 5:13 शाम30मिलाभ8:29 रात – 10:22 रात1घं 53मिशुभ12:15 रात – 2:07 रात, 19 दिसंबर1घं 53मिअमृत2:07 रात – 4:00 सुबह, 19 दिसंबर1घं 53मिचर4:00 सुबह – 5:53 सुबह, 19 दिसंबर1घं 53मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 12:17 रात – 2:10 रात, 25 दिसंबर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- आर्द्रापाद 3
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:48 सुबह – 6:49 सुबह1घंचर11:10 सुबह – 12:17 दोपहर1घं 7मिअभिजित मुहूर्त11:59 सुबह – 12:35 दोपहर36मिलाभ12:17 दोपहर – 1:24 दोपहर1घं 7मिशुभ3:38 दोपहर – 4:46 शाम1घं 7मिगोधूलि मुहूर्त4:46 शाम – 5:16 शाम30मिअमृत4:46 शाम – 6:39 शाम1घं 53मिचर6:39 शाम – 8:31 रात1घं 53मिलाभ12:17 रात – 2:10 रात, 25 दिसंबर1घं 53मिशुभ4:03 सुबह – 5:56 सुबह, 25 दिसंबर1घं 53मिअमृत5:56 सुबह – 7:49 सुबह, 25 दिसंबर1घं 53मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 8:32 रात – 10:25 रात8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 4
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:49 सुबह – 6:49 सुबह1घंचर7:49 सुबह – 8:56 सुबह1घं 7मिअमृत10:03 सुबह – 11:11 सुबह1घं 7मिशुभ12:18 दोपहर – 1:25 दोपहर1घं 7मिविजय मुहूर्त1:47 दोपहर – 2:23 दोपहर36मिचर3:39 दोपहर – 4:46 शाम1घं 7मिगोधूलि मुहूर्त4:46 शाम – 5:16 शाम30मिलाभ8:32 रात – 10:25 रात1घं 53मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जनवरी 2027
चर 4:06 सुबह – 5:58 सुबह, 2 जनवरी6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 1
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:51 सुबह – 6:51 सुबह1घंचर7:51 सुबह – 8:58 सुबह1घं 8मिअमृत10:06 सुबह – 11:14 सुबह1घं 8मिशुभ12:21 दोपहर – 1:29 दोपहर1घं 8मिविजय मुहूर्त1:51 दोपहर – 2:27 दोपहर36मिचर4:06 सुबह – 5:58 सुबह, 2 जनवरी1घं 52मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
अमृत 4:57 शाम – 6:49 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:51 सुबह – 6:51 सुबह1घंचर11:16 सुबह – 12:24 दोपहर1घं 8मिअभिजित मुहूर्त12:06 दोपहर – 12:42 दोपहर36मिलाभ12:24 दोपहर – 1:32 दोपहर1घं 8मिशुभ3:49 दोपहर – 4:57 शाम1घं 8मिगोधूलि मुहूर्त4:57 शाम – 5:27 शाम30मिअमृत4:57 शाम – 6:49 शाम1घं 52मिचर6:49 शाम – 8:41 रात1घं 52मिलाभ12:24 रात – 2:15 रात, 8 जनवरी1घं 52मिशुभ4:07 सुबह – 5:59 सुबह, 8 जनवरी1घं 52मिअमृत5:59 सुबह – 7:50 सुबह, 8 जनवरी1घं 52मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:56 शाम – 8:46 रात9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- शिव
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:50 सुबह – 6:49 सुबह59मिचर11:17 सुबह – 12:27 दोपहर1घं 10मिअभिजित मुहूर्त12:08 दोपहर – 12:45 दोपहर37मिलाभ12:27 दोपहर – 1:36 दोपहर1घं 10मिशुभ3:56 दोपहर – 5:05 शाम1घं 10मिगोधूलि मुहूर्त5:05 शाम – 5:35 शाम29मिअमृत5:05 शाम – 6:56 शाम1घं 50मिचर6:56 शाम – 8:46 रात1घं 50मिलाभ12:26 रात – 2:17 रात, 15 जनवरी1घं 50मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 2:17 रात – 4:07 सुबह, 16 जनवरी7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 4
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:50 सुबह – 6:49 सुबह59मिचर3:57 दोपहर – 5:06 शाम1घं 10मिगोधूलि मुहूर्त5:06 शाम – 5:36 शाम29मिलाभ8:47 रात – 10:37 रात1घं 50मिशुभ12:27 रात – 2:17 रात, 16 जनवरी1घं 50मिअमृत2:17 रात – 4:07 सुबह, 16 जनवरी1घं 50मिचर4:07 सुबह – 5:57 सुबह, 16 जनवरी1घं 50मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 12:29 रात – 2:17 रात, 22 जनवरी4 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 1
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त5:48 सुबह – 6:46 सुबह58मिलाभ12:29 रात – 2:17 रात, 22 जनवरी1घं 49मिशुभ4:06 सुबह – 5:55 सुबह, 22 जनवरी1घं 49मिअमृत5:55 सुबह – 7:43 सुबह, 22 जनवरी1घं 49मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- चुनने के लिए 4 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 8:52 रात – 10:41 रात11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 2
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:47 सुबह – 6:45 सुबह58मिचर7:43 सुबह – 8:55 सुबह1घं 12मिअमृत10:06 सुबह – 11:18 सुबह1घं 12मिशुभ12:29 दोपहर – 1:41 दोपहर1घं 12मिविजय मुहूर्त2:05 दोपहर – 2:43 दोपहर38मिचर4:04 शाम – 5:15 शाम1घं 12मिगोधूलि मुहूर्त5:15 शाम – 5:44 शाम29मिलाभ8:52 रात – 10:41 रात1घं 48मिशुभ12:29 रात – 2:17 रात, 23 जनवरी1घं 48मिअमृत2:17 रात – 4:06 सुबह, 23 जनवरी1घं 48मिचर4:06 सुबह – 5:54 सुबह, 23 जनवरी1घं 48मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 4:03 सुबह – 5:50 सुबह, 30 जनवरी11 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 3
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:43 सुबह – 6:40 सुबह57मिचर7:37 सुबह – 8:51 सुबह1घं 13मिअमृत10:04 सुबह – 11:17 सुबह1घं 13मिशुभ12:31 दोपहर – 1:44 दोपहर1घं 13मिविजय मुहूर्त2:09 दोपहर – 2:48 दोपहर39मिचर4:11 शाम – 5:25 शाम1घं 13मिगोधूलि मुहूर्त5:25 शाम – 5:53 शाम28मिलाभ8:58 रात – 10:44 रात1घं 46मिशुभ12:30 रात – 2:17 रात, 30 जनवरी1घं 46मिअमृत2:17 रात – 4:03 सुबह, 30 जनवरी1घं 46मिचर4:03 सुबह – 5:50 सुबह, 30 जनवरी1घं 46मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
56/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
फ़रवरी 2027
लाभ 12:31 रात – 2:14 रात, 12 फ़रवरी11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 3
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:32 सुबह – 6:27 सुबह55मिचर11:14 सुबह – 12:32 दोपहर1घं 18मिअभिजित मुहूर्त12:11 दोपहर – 12:53 दोपहर41मिलाभ12:32 दोपहर – 1:50 दोपहर1घं 18मिशुभ4:25 शाम – 5:42 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त5:42 शाम – 6:10 शाम27मिअमृत5:42 शाम – 7:25 शाम1घं 42मिचर7:25 शाम – 9:07 रात1घं 42मिलाभ12:31 रात – 2:14 रात, 12 फ़रवरी1घं 42मिशुभ3:56 रात – 5:38 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 42मिअमृत5:38 सुबह – 7:20 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 42मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 5:52 शाम – 7:32 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 4
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:25 सुबह – 6:18 सुबह53मिचर11:12 सुबह – 12:32 दोपहर1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:53 दोपहर43मिलाभ12:32 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 20मिशुभ4:32 शाम – 5:52 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:52 शाम – 6:18 शाम27मिअमृत5:52 शाम – 7:32 शाम1घं 40मिचर7:32 शाम – 9:11 रात1घं 40मिलाभ12:31 रात – 2:11 रात, 19 फ़रवरी1घं 40मिशुभ3:51 रात – 5:30 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 40मिअमृत5:30 सुबह – 7:10 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 40मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 7:10 सुबह – 8:30 सुबह8 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 4
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:24 सुबह – 6:17 सुबह53मिचर7:10 सुबह – 8:30 सुबह1घं 20मिअमृत9:51 सुबह – 11:11 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:32 दोपहर – 12:53 दोपहर21मिशुभ12:32 दोपहर – 1:52 दोपहर1घं 20मिविजय मुहूर्त2:19 दोपहर – 3:02 दोपहर43मिचर4:33 शाम – 5:53 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:53 शाम – 6:20 शाम27मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- चुनने के लिए 8 समय+8
अमृत 6:01 शाम – 7:38 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 2
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:17 सुबह – 6:09 सुबह52मिचर11:08 सुबह – 12:31 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:09 दोपहर – 12:53 दोपहर44मिलाभ12:31 दोपहर – 1:53 दोपहर1घं 23मिशुभ4:39 शाम – 6:01 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:01 शाम – 6:27 शाम26मिअमृत6:01 शाम – 7:38 शाम1घं 37मिचर7:38 शाम – 9:16 रात1घं 37मिलाभ12:30 रात – 2:07 रात, 26 फ़रवरी1घं 37मिशुभ3:45 रात – 5:22 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 37मिअमृत5:22 सुबह – 6:59 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 37मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
अमृत 2:07 रात – 3:44 रात, 27 फ़रवरी6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 2
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:15 सुबह – 6:07 सुबह52मिचर6:59 सुबह – 8:22 सुबह1घं 23मिअमृत9:45 सुबह – 10:14 सुबह29मिशुभ12:30 रात – 2:07 रात, 27 फ़रवरी1घं 37मिअमृत2:07 रात – 3:44 रात, 27 फ़रवरी1घं 37मिचर3:44 रात – 5:21 सुबह, 27 फ़रवरी1घं 37मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
76/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
मार्च 2027
शुभ 4:57 शाम – 6:28 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 3
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त4:49 सुबह – 5:37 सुबह48मिशुभ4:57 शाम – 6:28 शाम1घं 30मिगोधूलि मुहूर्त6:28 शाम – 6:51 शाम24मिअमृत6:28 शाम – 7:57 शाम1घं 29मिचर7:57 शाम – 9:26 रात1घं 29मिलाभ12:25 रात – 1:54 रात, 19 मार्च1घं 29मिशुभ3:24 रात – 4:53 सुबह, 19 मार्च1घं 29मिअमृत4:53 सुबह – 6:23 सुबह, 19 मार्च1घं 29मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 6:23 सुबह – 7:53 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 3
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:47 सुबह – 5:35 सुबह48मिचर6:23 सुबह – 7:53 सुबह1घं 31मिअमृत9:24 सुबह – 10:55 सुबह1घं 31मिअभिजित मुहूर्त12:26 दोपहर – 12:50 दोपहर24मिशुभ12:26 दोपहर – 1:56 दोपहर1घं 31मिविजय मुहूर्त2:27 दोपहर – 3:15 दोपहर48मिचर4:58 शाम – 6:29 शाम1घं 31मिगोधूलि मुहूर्त6:29 शाम – 6:52 शाम24मिलाभ9:27 रात – 10:56 रात1घं 29मिशुभ12:25 रात – 1:54 रात, 20 मार्च1घं 29मिअमृत1:54 रात – 3:23 रात, 20 मार्च1घं 29मिचर3:23 रात – 4:52 सुबह, 20 मार्च1घं 29मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चर 10:51 सुबह – 12:24 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 4
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:39 सुबह – 5:25 सुबह46मिचर10:51 सुबह – 12:24 दोपहर1घं 33मिअभिजित मुहूर्त11:59 सुबह – 12:49 दोपहर50मिलाभ12:24 दोपहर – 1:57 दोपहर1घं 33मिशुभ5:03 शाम – 6:36 शाम1घं 33मिगोधूलि मुहूर्त6:36 शाम – 6:59 शाम23मिअमृत6:36 शाम – 8:03 रात1घं 27मिचर8:03 रात – 9:29 रात1घं 27मिलाभ12:23 रात – 1:50 रात, 26 मार्च1घं 27मिशुभ3:16 रात – 4:43 सुबह, 26 मार्च1घं 27मिअमृत4:43 सुबह – 6:10 सुबह, 26 मार्च1घं 27मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
66/100शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- चुनने के लिए 11 समय+8
चर 6:10 सुबह – 7:43 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- विशाखापाद 4
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:37 सुबह – 5:24 सुबह46मिचर6:10 सुबह – 7:43 सुबह1घं 33मिअमृत9:17 सुबह – 10:50 सुबह1घं 33मिअभिजित मुहूर्त12:24 दोपहर – 12:48 दोपहर25मिशुभ12:24 दोपहर – 1:57 दोपहर1घं 33मिविजय मुहूर्त2:28 दोपहर – 3:18 दोपहर50मिचर5:04 शाम – 6:37 शाम1घं 33मिगोधूलि मुहूर्त6:37 शाम – 7:00 शाम23मिलाभ9:30 रात – 10:56 रात1घं 26मिशुभ12:23 रात – 1:49 रात, 27 मार्च1घं 26मिअमृत1:49 रात – 3:15 रात, 27 मार्च1घं 26मिचर3:15 रात – 4:42 सुबह, 27 मार्च1घं 26मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अप्रैल 2027
चर 10:37 सुबह – 12:18 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 2
- योग
- शूल
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:10 सुबह – 4:53 सुबह42मिचर10:37 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 41मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:45 दोपहर54मिलाभ12:18 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 41मिशुभ5:20 शाम – 7:01 शाम1घं 41मिगोधूलि मुहूर्त7:01 शाम – 7:22 शाम21मिअमृत7:01 शाम – 8:20 रात1घं 19मिचर8:20 रात – 9:39 रात1घं 19मिलाभ12:17 रात – 1:36 रात, 16 अप्रैल1घं 19मिशुभ2:55 रात – 4:14 सुबह, 16 अप्रैल1घं 19मिअमृत4:14 सुबह – 5:33 सुबह, 16 अप्रैल1घं 19मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:33 सुबह – 7:14 सुबह6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- मघापाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:09 सुबह – 4:51 सुबह42मिचर5:33 सुबह – 7:14 सुबह1घं 41मिअमृत8:55 सुबह – 10:37 सुबह1घं 41मिशुभ12:17 रात – 1:36 रात, 17 अप्रैल1घं 19मिअमृत1:36 रात – 2:54 रात, 17 अप्रैल1घं 19मिचर2:54 रात – 4:13 सुबह, 17 अप्रैल1घं 19मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मघा नक्षत्र (पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मघा नक्षत्र — पितरों का आसन — बड़े साथ खड़े रहते हैं+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:16 दोपहर – 2:00 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- विशाखापाद 2
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:01 सुबह – 4:42 सुबह41मिचर10:33 सुबह – 12:16 दोपहर1घं 43मिअभिजित मुहूर्त11:49 सुबह – 12:44 दोपहर55मिलाभ12:16 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 43मिशुभ5:26 शाम – 7:09 शाम1घं 43मिगोधूलि मुहूर्त7:09 शाम – 7:30 शाम20मिअमृत7:09 शाम – 8:26 रात1घं 17मिचर8:26 रात – 9:43 रात1घं 17मिलाभ12:16 रात – 1:32 रात, 23 अप्रैल1घं 17मिशुभ2:49 रात – 4:05 सुबह, 23 अप्रैल1घं 17मिअमृत4:05 सुबह – 5:22 सुबह, 23 अप्रैल1घं 17मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:51 शाम – 7:11 शाम7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 2
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:00 सुबह – 4:41 सुबह41मिचर5:51 शाम – 7:11 शाम1घं 19मिगोधूलि मुहूर्त7:11 शाम – 7:31 शाम20मिलाभ9:43 रात – 10:59 रात1घं 16मिशुभ12:15 रात – 1:32 रात, 24 अप्रैल1घं 16मिअमृत1:32 रात – 2:48 रात, 24 अप्रैल1घं 16मिचर2:48 रात – 4:04 सुबह, 24 अप्रैल1घं 16मिसमय GMT-5 में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Property Purchase Muhurat — auspicious dates for registration"