माया से पूछें
होम / शुभ मुहूर्त / संपत्ति संपत्ति मुहूर्त 2026 — शुभ दिन आगे 38 शुभ दिन · टोरंटो · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
सितंबर 2026 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14
ये दिन कैसे चुने जाते हैं दिन किस बात से तय होता है पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है 2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Property Purchase Muhurat — auspicious dates for registration"
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नवंबर 2026 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30
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दिसंबर 2026 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31
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जनवरी 2027 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31
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फ़रवरी 2027 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28
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मार्च 2027 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31
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सितंबर 2026 चर 5:50 शाम – 7:22 शाम7 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल अष्टमी
नक्षत्र ज्येष्ठापाद 4
योग आयुष्मान इस दिन का समय (7) ब्रह्म मुहूर्त 5:27 सुबह – 6:14 सुबह 46मि चर 5:50 शाम – 7:22 शाम 1घं 33मि गोधूलि मुहूर्त 7:22 शाम – 7:46 शाम 23मि लाभ 10:17 रात – 11:44 रात 1घं 27मि शुभ 1:12 रात – 2:39 रात, 19 सितंबर 1घं 27मि अमृत 2:39 रात – 4:07 सुबह, 19 सितंबर 1घं 27मि चर 4:07 सुबह – 5:34 सुबह, 19 सितंबर 1घं 27मि
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यह दिन क्यों शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18 चुनने के लिए 7 समय+8 चर 11:39 सुबह – 1:09 दोपहर11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्र शतभिषापाद 1
योग शूल इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:32 सुबह – 6:19 सुबह 48मि चर 11:39 सुबह – 1:09 दोपहर 1घं 31मि अभिजित मुहूर्त 12:45 दोपहर – 1:33 दोपहर 48मि लाभ 1:09 दोपहर – 2:40 दोपहर 1घं 31मि शुभ 5:41 शाम – 7:11 शाम 1घं 31मि गोधूलि मुहूर्त
अमृत 10:08 सुबह – 11:39 सुबह8 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्र पूर्व भाद्रपदपाद 1
योग गण्ड इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 5:32 सुबह – 6:20 सुबह 48मि चर 7:08 सुबह – 8:38 सुबह 1घं 30मि अमृत 10:08 सुबह – 11:39 सुबह 1घं 30मि अभिजित मुहूर्त 1:09 दोपहर – 1:33 दोपहर 24मि शुभ 1:09 दोपहर – 1:37 दोपहर 29मि शुभ 1:17 रात – 2:39 रात, 26 सितंबर 1घं 22मि अमृत 2:39 रात – 4:09 सुबह, 26 सितंबर 1घं 30मि
अक्तूबर 2026 अमृत 6:59 शाम – 8:31 रात8 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण षष्ठी
नक्षत्र रोहिणीपाद 2
योग सिद्धि इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 5:37 सुबह – 6:26 सुबह 49मि चर 11:39 सुबह – 1:07 दोपहर 1घं 28मि अभिजित मुहूर्त 12:43 दोपहर – 1:30 दोपहर 47मि लाभ 1:07 दोपहर – 2:35 दोपहर 1घं 28मि शुभ 5:31 शाम – 6:59 शाम 1घं 28मि गोधूलि मुहूर्त 6:59 शाम – 7:23 शाम
नवंबर 2026 चर 7:42 शाम – 9:29 रात8 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल तृतीया
नक्षत्र मूलपाद 1
योग सुकर्मा इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 6:14 सुबह – 7:11 सुबह 57मि चर 11:48 सुबह – 1:01 दोपहर 1घं 13मि अभिजित मुहूर्त 12:42 दोपहर – 1:21 दोपहर 39मि लाभ 1:01 दोपहर – 2:15 दोपहर 1घं 13मि
दिसंबर 2026 अमृत 5:41 शाम – 7:33 शाम11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल द्वितीया
नक्षत्र मूलपाद 4
योग गण्ड इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 6:40 सुबह – 7:40 सुबह 1घं चर 12:03 दोपहर – 1:10 दोपहर 1घं 8मि अभिजित मुहूर्त 12:52 दोपहर – 1:28 दोपहर 36मि लाभ 1:10 दोपहर – 2:18 दोपहर 1घं 8मि
जनवरी 2027 चर 5:06 सुबह – 6:58 सुबह, 2 जनवरी6 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण दशमी
नक्षत्र स्वातिपाद 1
योग सुकर्मा इस दिन का समय (6) ब्रह्म मुहूर्त 6:51 सुबह – 7:51 सुबह 1घं चर 8:51 सुबह – 9:58 सुबह 1घं 8मि अमृत 11:06 सुबह – 12:14 दोपहर 1घं 8मि शुभ 1:21 दोपहर – 2:29 दोपहर 1घं 8मि
फ़रवरी 2027 लाभ 1:31 रात – 3:14 रात, 12 फ़रवरी11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल पंचमी
नक्षत्र रेवतीपाद 3
योग साध्य इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 6:32 सुबह – 7:27 सुबह 55मि चर 12:14 दोपहर – 1:32 दोपहर 1घं 18मि अभिजित मुहूर्त 1:11 दोपहर – 1:53 दोपहर 41मि लाभ 1:32 दोपहर – 2:50 दोपहर 1घं 18मि
मार्च 2027 शुभ 5:57 शाम – 7:28 शाम8 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल एकादशी
नक्षत्र पुष्यपाद 3
योग अतिगण्ड इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 5:49 सुबह – 6:37 सुबह 48मि शुभ 5:57 शाम – 7:28 शाम 1घं 30मि गोधूलि मुहूर्त 7:28 शाम – 7:51 शाम 24मि अमृत 7:28 शाम – 8:57 रात 1घं 29मि
जिन महीनों में मुहूर्त है 7:11 शाम – 7:35 शाम
24मि
अमृत 7:11 शाम – 8:41 रात 1घं 30मि
चर 8:41 रात – 10:10 रात 1घं 30मि
लाभ 1:10 रात – 2:39 रात, 25 सितंबर 1घं 30मि
शुभ 4:09 सुबह – 5:38 सुबह, 25 सितंबर 1घं 30मि
अमृत 5:38 सुबह – 7:08 सुबह, 25 सितंबर 1घं 30मि
यह दिन क्यों अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18 त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 चर
4:09 सुबह – 5:39 सुबह, 26 सितंबर
1घं 30मि
यह दिन क्यों शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18 चुनने के लिए 8 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 25मि
अमृत 6:59 शाम – 8:31 रात 1घं 32मि
चर 8:31 रात – 10:03 रात 1घं 32मि
यह दिन क्यों शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18 चुनने के लिए 8 समय+8 लाभ 10:02 रात – 11:34 रात10 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण सप्तमी
नक्षत्र मृगशिरापाद 3
योग व्यतीपात इस दिन का समय (10) ब्रह्म मुहूर्त 5:38 सुबह – 6:27 सुबह 49मि अभिजित मुहूर्त 1:06 दोपहर – 1:30 दोपहर 23मि शुभ 1:06 दोपहर – 2:34 दोपहर 1घं 28मि विजय मुहूर्त 3:03 दोपहर – 3:50 दोपहर 47मि चर 5:29 शाम – 6:57 शाम 1घं 28मि गोधूलि मुहूर्त 6:57 शाम – 7:21 शाम 25मि लाभ 10:02 रात – 11:34 रात 1घं 33मि शुभ 1:07 रात – 2:40 रात, 3 अक्तूबर 1घं 33मि अमृत 2:40 रात – 4:12 सुबह, 3 अक्तूबर 1घं 33मि चर 4:12 सुबह – 5:45 सुबह, 3 अक्तूबर 1घं 33मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18 सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 10 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 1:05 रात – 2:40 रात, 9 अक्तूबर5 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण त्रयोदशी
नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनीपाद 4
योग शुक्ल इस दिन का समय (5) ब्रह्म मुहूर्त 5:42 सुबह – 6:33 सुबह 50मि चर 11:39 सुबह – 12:46 दोपहर 1घं 7मि लाभ 1:05 रात – 2:40 रात, 9 अक्तूबर 1घं 35मि शुभ 4:15 सुबह – 5:50 सुबह, 9 अक्तूबर 1घं 35मि अमृत 5:50 सुबह – 7:24 सुबह, 9 अक्तूबर 1घं 35मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — घर में चैन)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — घर में चैन+18 त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 5 समय+8 अमृत 6:34 शाम – 8:12 रात11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल पंचमी
नक्षत्र ज्येष्ठापाद 2
योग सौभाग्य इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:48 सुबह – 6:40 सुबह 52मि चर 11:40 सुबह – 1:03 दोपहर 1घं 23मि अभिजित मुहूर्त 12:41 दोपहर – 1:25 दोपहर 44मि लाभ 1:03 दोपहर – 2:26 दोपहर 1घं 23मि शुभ 5:11 शाम – 6:34 शाम 1घं 23मि गोधूलि मुहूर्त 6:34 शाम – 7:00 शाम 26मि अमृत 6:34 शाम – 8:12 रात 1घं 37मि चर 8:12 रात – 9:49 रात 1घं 37मि लाभ 1:04 रात – 2:41 रात, 16 अक्तूबर 1घं 37मि शुभ 4:18 सुबह – 5:56 सुबह, 16 अक्तूबर 1घं 37मि अमृत 5:56 सुबह – 7:33 सुबह, 16 अक्तूबर 1घं 37मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+18 पंचमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 लाभ 9:48 रात – 11:26 रात12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल षष्ठी
नक्षत्र मूलपाद 2
योग शोभन इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:49 सुबह – 6:41 सुबह 52मि चर 7:33 सुबह – 8:55 सुबह 1घं 22मि अमृत 10:18 सुबह – 11:40 सुबह 1घं 22मि अभिजित मुहूर्त 1:03 दोपहर – 1:25 दोपहर 22मि शुभ 1:03 दोपहर – 2:25 दोपहर 1घं 22मि विजय मुहूर्त 2:53 दोपहर – 3:37 दोपहर 44मि चर 5:10 शाम – 6:33 शाम 1घं 22मि गोधूलि मुहूर्त 6:33 शाम – 6:59 शाम 26मि लाभ 9:48 रात – 11:26 रात 1घं 38मि शुभ 1:03 रात – 2:41 रात, 17 अक्तूबर 1घं 38मि अमृत 2:41 रात – 4:19 सुबह, 17 अक्तूबर 1घं 38मि चर 4:19 सुबह – 5:56 सुबह, 17 अक्तूबर 1घं 38मि
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यह दिन क्यों शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18 चुनने के लिए 12 समय+8 लाभ 1:02 रात – 2:42 रात, 23 अक्तूबर11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल द्वादशी
नक्षत्र शतभिषापाद 4
योग वृद्धि इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:54 सुबह – 6:47 सुबह 53मि चर 11:41 सुबह – 1:02 दोपहर 1घं 20मि अभिजित मुहूर्त 12:40 दोपहर – 1:23 दोपहर 43मि लाभ 1:02 दोपहर – 2:22 दोपहर 1घं 20मि शुभ 5:03 शाम – 6:23 शाम 1घं 20मि गोधूलि मुहूर्त 6:23 शाम – 6:50 शाम 27मि अमृत 6:23 शाम – 8:03 रात 1घं 40मि चर 8:03 रात – 9:43 रात 1घं 40मि लाभ 1:02 रात – 2:42 रात, 23 अक्तूबर 1घं 40मि शुभ 4:22 सुबह – 6:02 सुबह, 23 अक्तूबर 1घं 40मि अमृत 6:02 सुबह – 7:42 सुबह, 23 अक्तूबर 1घं 40मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — शतभिषा नक्षत्र (सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है शतभिषा नक्षत्र — सुधार — बिगड़ा हुआ ठीक होता है+18 द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 लाभ 9:42 रात – 11:22 रात12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्र पूर्व भाद्रपदपाद 4
योग ध्रुव इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:55 सुबह – 6:48 सुबह 53मि चर 7:42 सुबह – 9:02 सुबह 1घं 20मि अमृत 10:22 सुबह – 11:42 सुबह 1घं 20मि अभिजित मुहूर्त 1:02 दोपहर – 1:23 दोपहर 21मि शुभ 1:02 दोपहर – 2:22 दोपहर 1घं 20मि विजय मुहूर्त 2:48 दोपहर – 3:31 दोपहर 43मि चर 5:01 शाम – 6:21 शाम 1घं 20मि गोधूलि मुहूर्त 6:21 शाम – 6:48 शाम 27मि लाभ 9:42 रात – 11:22 रात 1घं 40मि शुभ 1:02 रात – 2:42 रात, 24 अक्तूबर 1घं 40मि अमृत 2:42 रात – 4:23 सुबह, 24 अक्तूबर 1घं 40मि चर 4:23 सुबह – 6:03 सुबह, 24 अक्तूबर 1घं 40मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18 त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 अमृत 6:13 शाम – 7:55 शाम11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्र मृगशिरापाद 2
योग परिघ इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 6:01 सुबह – 6:55 सुबह 54मि चर 11:43 सुबह – 1:01 दोपहर 1घं 18मि अभिजित मुहूर्त 12:40 दोपहर – 1:22 दोपहर 42मि लाभ 1:01 दोपहर – 2:19 दोपहर 1घं 18मि शुभ 4:55 शाम – 6:13 शाम 1घं 18मि गोधूलि मुहूर्त 6:13 शाम – 6:40 शाम 27मि अमृत 6:13 शाम – 7:55 शाम 1घं 42मि चर 7:55 शाम – 9:37 रात 1घं 42मि लाभ 1:02 रात – 2:44 रात, 30 अक्तूबर 1घं 42मि शुभ 4:26 सुबह – 6:08 सुबह, 30 अक्तूबर 1घं 42मि अमृत 6:08 सुबह – 7:51 सुबह, 30 अक्तूबर 1घं 42मि
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यह दिन क्यों शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18 चुनने के लिए 11 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 9:36 रात – 11:19 रात12 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण पंचमी
नक्षत्र आर्द्रापाद 2
योग शिव इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 6:02 सुबह – 6:56 सुबह 55मि चर 7:51 सुबह – 9:08 सुबह 1घं 18मि अमृत 10:26 सुबह – 11:43 सुबह 1घं 18मि अभिजित मुहूर्त 1:01 दोपहर – 1:22 दोपहर 21मि शुभ 1:01 दोपहर – 2:18 दोपहर 1घं 18मि विजय मुहूर्त 2:44 दोपहर – 3:26 दोपहर 41मि चर 4:54 शाम – 6:11 शाम 1घं 18मि गोधूलि मुहूर्त 6:11 शाम – 6:39 शाम 27मि लाभ 9:36 रात – 11:19 रात 1घं 43मि शुभ 1:02 रात – 2:44 रात, 31 अक्तूबर 1घं 43मि अमृत 2:44 रात – 4:27 सुबह, 31 अक्तूबर 1घं 43मि चर 4:27 सुबह – 6:09 सुबह, 31 अक्तूबर 1घं 43मि
समय GMT-4 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18 पंचमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 शुभ 4:42 शाम – 5:55 शाम 1घं 13मि
गोधूलि मुहूर्त 5:55 शाम – 6:24 शाम 28मि
अमृत 5:55 शाम – 7:42 शाम 1घं 47मि
चर 7:42 शाम – 9:29 रात 1घं 47मि
यह दिन क्यों अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 लाभ 9:28 रात – 11:15 रात10 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल चतुर्थी
नक्षत्र पूर्वाषाढ़ापाद 1
योग धृति इस दिन का समय (10) ब्रह्म मुहूर्त 6:15 सुबह – 7:12 सुबह 57मि अमृत 11:13 सुबह – 11:48 सुबह 35मि शुभ 1:02 दोपहर – 2:15 दोपहर 1घं 13मि विजय मुहूर्त 2:39 दोपहर – 3:18 दोपहर 39मि चर 4:41 शाम – 5:54 शाम 1घं 13मि गोधूलि मुहूर्त 5:54 शाम – 6:23 शाम 29मि लाभ 9:28 रात – 11:15 रात 1घं 47मि शुभ 1:02 रात – 2:49 रात, 14 नवंबर 1घं 47मि अमृत 2:49 रात – 4:36 सुबह, 14 नवंबर 1घं 47मि चर 4:36 सुबह – 6:23 सुबह, 14 नवंबर 1घं 47मि
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यह दिन क्यों शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18 चुनने के लिए 10 समय+8 चर 7:38 शाम – 9:26 रात11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल दशमी
नक्षत्र पूर्व भाद्रपदपाद 2
योग हर्षण इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 6:21 सुबह – 7:19 सुबह 58मि चर 11:51 सुबह – 1:03 दोपहर 1घं 12मि अभिजित मुहूर्त 12:44 दोपहर – 1:22 दोपहर 38मि लाभ 1:03 दोपहर – 2:14 दोपहर 1घं 12मि शुभ 4:37 शाम – 5:49 शाम 1घं 12मि गोधूलि मुहूर्त 5:49 शाम – 6:18 शाम 29मि अमृत 5:49 शाम – 7:38 शाम 1घं 49मि चर 7:38 शाम – 9:26 रात 1घं 49मि लाभ 1:03 रात – 2:52 रात, 20 नवंबर 1घं 49मि शुभ 4:41 सुबह – 6:29 सुबह, 20 नवंबर 1घं 49मि अमृत 6:29 सुबह – 8:18 सुबह, 20 नवंबर 1घं 49मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र (गहरा भाव)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र — गहरा भाव+18 दशमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 लाभ 9:26 रात – 11:15 रात6 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल एकादशी
नक्षत्र उत्तर भाद्रपदपाद 2
योग वज्र इस दिन का समय (6) ब्रह्म मुहूर्त 6:22 सुबह – 7:20 सुबह 58मि चर 8:18 सुबह – 9:29 सुबह 1घं 11मि लाभ 9:26 रात – 11:15 रात 1घं 49मि शुभ 1:04 रात – 2:52 रात, 21 नवंबर 1घं 49मि अमृत 2:52 रात – 4:41 सुबह, 21 नवंबर 1घं 49मि चर 4:41 सुबह – 6:30 सुबह, 21 नवंबर 1घं 49मि
समय GMT-4 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18 एकादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 6 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 1:05 रात – 2:56 रात, 27 नवंबर7 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण तृतीया
नक्षत्र आर्द्रापाद 1
योग साध्य इस दिन का समय (7) ब्रह्म मुहूर्त 6:28 सुबह – 7:26 सुबह 59मि चर 11:55 सुबह – 1:05 दोपहर 1घं 10मि अभिजित मुहूर्त 12:46 दोपहर – 1:23 दोपहर 37मि लाभ 1:05 दोपहर – 2:01 दोपहर 56मि लाभ 1:05 रात – 2:56 रात, 27 नवंबर 1घं 50मि शुभ 4:46 सुबह – 6:36 सुबह, 27 नवंबर 1घं 50मि अमृत 6:36 सुबह – 8:26 सुबह, 27 नवंबर 1घं 50मि
समय GMT-4 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 7 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 लाभ 9:25 रात – 11:15 रात11 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 1
योग शुभ इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 6:29 सुबह – 7:28 सुबह 59मि चर 8:26 सुबह – 9:36 सुबह 1घं 10मि अमृत 10:46 सुबह – 11:55 सुबह 1घं 10मि शुभ 1:05 दोपहर – 2:15 दोपहर 1घं 10मि विजय मुहूर्त 2:38 दोपहर – 3:15 दोपहर 37मि चर 4:34 शाम – 5:44 शाम 1घं 10मि गोधूलि मुहूर्त 5:44 शाम – 6:13 शाम 29मि लाभ 9:25 रात – 11:15 रात 1घं 50मि शुभ 1:06 रात – 2:56 रात, 28 नवंबर 1घं 50मि अमृत 2:56 रात – 4:47 सुबह, 28 नवंबर 1घं 50मि चर 4:47 सुबह – 6:37 सुबह, 28 नवंबर 1घं 50मि
समय GMT-4 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 शुभ 4:33 शाम – 5:41 शाम 1घं 8मि
गोधूलि मुहूर्त 5:41 शाम – 6:11 शाम 30मि
अमृत 5:41 शाम – 7:33 शाम 1घं 52मि
चर 7:33 शाम – 9:26 रात 1घं 52मि
लाभ 1:11 रात – 3:03 रात, 11 दिसंबर 1घं 52मि
शुभ 4:56 सुबह – 6:48 सुबह, 11 दिसंबर 1घं 52मि
अमृत 6:48 सुबह – 8:41 सुबह, 11 दिसंबर 1घं 52मि
यह दिन क्यों अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 9:26 रात – 11:19 रात11 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल तृतीया
नक्षत्र पूर्वाषाढ़ापाद 3
योग वृद्धि इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 6:41 सुबह – 7:41 सुबह 1घं चर 8:41 सुबह – 9:48 सुबह 1घं 8मि अमृत 10:56 सुबह – 12:03 दोपहर 1घं 8मि शुभ 1:11 दोपहर – 2:18 दोपहर 1घं 8मि विजय मुहूर्त 2:41 दोपहर – 3:17 दोपहर 36मि चर 4:33 शाम – 5:41 शाम 1घं 8मि गोधूलि मुहूर्त 5:41 शाम – 6:11 शाम 30मि लाभ 9:26 रात – 11:19 रात 1घं 53मि शुभ 1:11 रात – 3:04 रात, 12 दिसंबर 1घं 53मि अमृत 3:04 रात – 4:56 सुबह, 12 दिसंबर 1घं 53मि चर 4:56 सुबह – 6:49 सुबह, 12 दिसंबर 1घं 53मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 चर 7:35 शाम – 9:28 रात11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल अष्टमी
नक्षत्र उत्तर भाद्रपदपाद 1
योग व्यतीपात इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 6:45 सुबह – 7:45 सुबह 1घं चर 12:07 दोपहर – 1:14 दोपहर 1घं 7मि अभिजित मुहूर्त 12:56 दोपहर – 1:32 दोपहर 36मि लाभ 1:14 दोपहर – 2:21 दोपहर 1घं 7मि शुभ 4:35 शाम – 5:42 शाम 1घं 7मि गोधूलि मुहूर्त 5:42 शाम – 6:12 शाम 30मि अमृत 5:42 शाम – 7:35 शाम 1घं 53मि चर 7:35 शाम – 9:28 रात 1घं 53मि लाभ 1:14 रात – 3:07 रात, 18 दिसंबर 1घं 53मि शुभ 5:00 सुबह – 6:53 सुबह, 18 दिसंबर 1घं 53मि अमृत 6:53 सुबह – 8:46 सुबह, 18 दिसंबर 1घं 53मि
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यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 9:29 रात – 11:22 रात11 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल नवमी
नक्षत्र रेवतीपाद 1
योग वरीयान इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 6:45 सुबह – 7:46 सुबह 1घं चर 8:46 सुबह – 9:53 सुबह 1घं 7मि अमृत 11:00 सुबह – 12:07 दोपहर 1घं 7मि शुभ 1:14 दोपहर – 2:21 दोपहर 1घं 7मि विजय मुहूर्त 2:44 दोपहर – 3:19 दोपहर 36मि चर 4:35 शाम – 5:43 शाम 1घं 7मि गोधूलि मुहूर्त 5:43 शाम – 6:13 शाम 30मि लाभ 9:29 रात – 11:22 रात 1घं 53मि शुभ 1:15 रात – 3:07 रात, 19 दिसंबर 1घं 53मि अमृत 3:07 रात – 5:00 सुबह, 19 दिसंबर 1घं 53मि चर 5:00 सुबह – 6:53 सुबह, 19 दिसंबर 1घं 53मि
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यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 लाभ 1:17 रात – 3:10 रात, 25 दिसंबर11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्र आर्द्रापाद 3
योग ब्रह्म इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 6:48 सुबह – 7:49 सुबह 1घं चर 12:10 दोपहर – 1:17 दोपहर 1घं 7मि अभिजित मुहूर्त 12:59 दोपहर – 1:35 दोपहर 36मि लाभ 1:17 दोपहर – 2:24 दोपहर 1घं 7मि शुभ 4:38 शाम – 5:46 शाम 1घं 7मि गोधूलि मुहूर्त 5:46 शाम – 6:16 शाम 30मि अमृत 5:46 शाम – 7:39 शाम 1घं 53मि चर 7:39 शाम – 9:31 रात 1घं 53मि लाभ 1:17 रात – 3:10 रात, 25 दिसंबर 1घं 53मि शुभ 5:03 सुबह – 6:56 सुबह, 25 दिसंबर 1घं 53मि अमृत 6:56 सुबह – 8:49 सुबह, 25 दिसंबर 1घं 53मि
समय GMT-4 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + आर्द्रा नक्षत्र (तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है आर्द्रा नक्षत्र — तूफ़ान जो हवा साफ़ कर दे+18 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 लाभ 9:32 रात – 11:25 रात8 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 4
योग इन्द्र इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 6:49 सुबह – 7:49 सुबह 1घं चर 8:49 सुबह – 9:56 सुबह 1घं 7मि अमृत 11:03 सुबह – 12:11 दोपहर 1घं 7मि शुभ 1:18 दोपहर – 2:25 दोपहर 1घं 7मि विजय मुहूर्त 2:47 दोपहर – 3:23 दोपहर 36मि चर 4:39 शाम – 5:46 शाम 1घं 7मि गोधूलि मुहूर्त 5:46 शाम – 6:16 शाम 30मि लाभ 9:32 रात – 11:25 रात 1घं 53मि
समय GMT-4 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 विजय मुहूर्त 2:51 दोपहर – 3:27 दोपहर 36मि
चर 5:06 सुबह – 6:58 सुबह, 2 जनवरी 1घं 52मि
यह दिन क्यों अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18 दशमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 6 समय+8 अमृत 5:57 शाम – 7:49 शाम11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण अमावस्या
नक्षत्र पूर्वाषाढ़ापाद 2
योग व्याघात इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 6:51 सुबह – 7:51 सुबह 1घं चर 12:16 दोपहर – 1:24 दोपहर 1घं 8मि अभिजित मुहूर्त 1:06 दोपहर – 1:42 दोपहर 36मि लाभ 1:24 दोपहर – 2:32 दोपहर 1घं 8मि शुभ 4:49 शाम – 5:57 शाम 1घं 8मि गोधूलि मुहूर्त 5:57 शाम – 6:27 शाम 30मि अमृत 5:57 शाम – 7:49 शाम 1घं 52मि चर 7:49 शाम – 9:41 रात 1घं 52मि लाभ 1:24 रात – 3:15 रात, 8 जनवरी 1घं 52मि शुभ 5:07 सुबह – 6:59 सुबह, 8 जनवरी 1घं 52मि अमृत 6:59 सुबह – 8:50 सुबह, 8 जनवरी 1घं 52मि
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यह दिन क्यों शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+18 चुनने के लिए 11 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 चर 7:56 शाम – 9:46 रात9 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल सप्तमी
नक्षत्र उत्तर भाद्रपदपाद 4
योग शिव इस दिन का समय (9) ब्रह्म मुहूर्त 6:50 सुबह – 7:49 सुबह 59मि चर 12:17 दोपहर – 1:27 दोपहर 1घं 10मि अभिजित मुहूर्त 1:08 दोपहर – 1:45 दोपहर 37मि लाभ 1:27 दोपहर – 2:36 दोपहर 1घं 10मि शुभ 4:56 शाम – 6:05 शाम 1घं 10मि गोधूलि मुहूर्त 6:05 शाम – 6:35 शाम 29मि अमृत 6:05 शाम – 7:56 शाम 1घं 50मि चर 7:56 शाम – 9:46 रात 1घं 50मि लाभ 1:26 रात – 3:17 रात, 15 जनवरी 1घं 50मि
समय GMT-4 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव+18 सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 9 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 अमृत 3:17 रात – 5:07 सुबह, 16 जनवरी7 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल अष्टमी
नक्षत्र रेवतीपाद 4
योग सिद्ध इस दिन का समय (7) ब्रह्म मुहूर्त 6:50 सुबह – 7:49 सुबह 59मि चर 4:57 शाम – 6:06 शाम 1घं 10मि गोधूलि मुहूर्त 6:06 शाम – 6:36 शाम 29मि लाभ 9:47 रात – 11:37 रात 1घं 50मि शुभ 1:27 रात – 3:17 रात, 16 जनवरी 1घं 50मि अमृत 3:17 रात – 5:07 सुबह, 16 जनवरी 1घं 50मि चर 5:07 सुबह – 6:57 सुबह, 16 जनवरी 1घं 50मि
समय GMT-4 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18 चुनने के लिए 7 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 लाभ 1:29 रात – 3:17 रात, 22 जनवरी4 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 1
योग विष्कम्भ इस दिन का समय (4) ब्रह्म मुहूर्त 6:48 सुबह – 7:46 सुबह 58मि लाभ 1:29 रात – 3:17 रात, 22 जनवरी 1घं 49मि शुभ 5:06 सुबह – 6:55 सुबह, 22 जनवरी 1घं 49मि अमृत 6:55 सुबह – 8:43 सुबह, 22 जनवरी 1घं 49मि
समय GMT-4 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 चुनने के लिए 4 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 9:52 रात – 11:41 रात11 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्र पुष्यपाद 2
योग प्रीति इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 6:47 सुबह – 7:45 सुबह 58मि चर 8:43 सुबह – 9:55 सुबह 1घं 12मि अमृत 11:06 सुबह – 12:18 दोपहर 1घं 12मि शुभ 1:29 दोपहर – 2:41 दोपहर 1घं 12मि विजय मुहूर्त 3:05 दोपहर – 3:43 दोपहर 38मि चर 5:04 शाम – 6:15 शाम 1घं 12मि गोधूलि मुहूर्त 6:15 शाम – 6:44 शाम 29मि लाभ 9:52 रात – 11:41 रात 1घं 48मि शुभ 1:29 रात – 3:17 रात, 23 जनवरी 1घं 48मि अमृत 3:17 रात – 5:06 सुबह, 23 जनवरी 1घं 48मि चर 5:06 सुबह – 6:54 सुबह, 23 जनवरी 1घं 48मि
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यह दिन क्यों शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18 चुनने के लिए 11 समय+8 चर 5:03 सुबह – 6:50 सुबह, 30 जनवरी11 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण अष्टमी
नक्षत्र स्वातिपाद 3
योग गण्ड इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 6:43 सुबह – 7:40 सुबह 57मि चर 8:37 सुबह – 9:51 सुबह 1घं 13मि अमृत 11:04 सुबह – 12:17 दोपहर 1घं 13मि शुभ 1:31 दोपहर – 2:44 दोपहर 1घं 13मि विजय मुहूर्त 3:09 दोपहर – 3:48 दोपहर 39मि चर 5:11 शाम – 6:25 शाम 1घं 13मि गोधूलि मुहूर्त 6:25 शाम – 6:53 शाम 28मि लाभ 9:58 रात – 11:44 रात 1घं 46मि शुभ 1:30 रात – 3:17 रात, 30 जनवरी 1घं 46मि अमृत 3:17 रात – 5:03 सुबह, 30 जनवरी 1घं 46मि चर 5:03 सुबह – 6:50 सुबह, 30 जनवरी 1घं 46मि
समय GMT-4 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18 चुनने के लिए 11 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 शुभ 5:25 शाम – 6:42 शाम 1घं 18मि
गोधूलि मुहूर्त 6:42 शाम – 7:10 शाम 27मि
अमृत 6:42 शाम – 8:25 रात 1घं 42मि
चर 8:25 रात – 10:07 रात 1घं 42मि
लाभ 1:31 रात – 3:14 रात, 12 फ़रवरी 1घं 42मि
शुभ 4:56 सुबह – 6:38 सुबह, 12 फ़रवरी 1घं 42मि
अमृत 6:38 सुबह – 8:20 सुबह, 12 फ़रवरी 1घं 42मि
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18 पंचमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 अमृत 6:52 शाम – 8:32 रात11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 4
योग आयुष्मान इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 6:25 सुबह – 7:18 सुबह 53मि चर 12:12 दोपहर – 1:32 दोपहर 1घं 20मि अभिजित मुहूर्त 1:10 दोपहर – 1:53 दोपहर 43मि लाभ 1:32 दोपहर – 2:52 दोपहर 1घं 20मि शुभ 5:32 शाम – 6:52 शाम 1घं 20मि गोधूलि मुहूर्त 6:52 शाम – 7:18 शाम 27मि अमृत 6:52 शाम – 8:32 रात 1घं 40मि चर 8:32 रात – 10:11 रात 1घं 40मि लाभ 1:31 रात – 3:11 रात, 19 फ़रवरी 1घं 40मि शुभ 4:51 सुबह – 6:30 सुबह, 19 फ़रवरी 1घं 40मि अमृत 6:30 सुबह – 8:10 सुबह, 19 फ़रवरी 1घं 40मि
समय GMT-4 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चर 8:10 सुबह – 9:30 सुबह8 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्र पुष्यपाद 4
योग सौभाग्य इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 6:24 सुबह – 7:17 सुबह 53मि चर 8:10 सुबह – 9:30 सुबह 1घं 20मि अमृत 10:51 सुबह – 12:11 दोपहर 1घं 20मि अभिजित मुहूर्त 1:32 दोपहर – 1:53 दोपहर 21मि शुभ 1:32 दोपहर – 2:52 दोपहर 1घं 20मि विजय मुहूर्त 3:19 दोपहर – 4:02 शाम 43मि चर 5:33 शाम – 6:53 शाम 1घं 20मि गोधूलि मुहूर्त 6:53 शाम – 7:20 शाम 27मि
समय GMT-4 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18 चुनने के लिए 8 समय+8 अमृत 7:01 शाम – 8:38 रात11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण पंचमी
नक्षत्र स्वातिपाद 2
योग वृद्धि इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 6:17 सुबह – 7:09 सुबह 52मि चर 12:08 दोपहर – 1:31 दोपहर 1घं 23मि अभिजित मुहूर्त 1:09 दोपहर – 1:53 दोपहर 44मि लाभ 1:31 दोपहर – 2:53 दोपहर 1घं 23मि शुभ 5:39 शाम – 7:01 शाम 1घं 23मि गोधूलि मुहूर्त 7:01 शाम – 7:27 शाम 26मि अमृत 7:01 शाम – 8:38 रात 1घं 37मि चर 8:38 रात – 10:16 रात 1घं 37मि लाभ 1:30 रात – 3:07 रात, 26 फ़रवरी 1घं 37मि शुभ 4:45 सुबह – 6:22 सुबह, 26 फ़रवरी 1घं 37मि अमृत 6:22 सुबह – 7:59 सुबह, 26 फ़रवरी 1घं 37मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18 पंचमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 अमृत 3:07 रात – 4:44 सुबह, 27 फ़रवरी6 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण षष्ठी
नक्षत्र विशाखापाद 2
योग ध्रुव इस दिन का समय (6) ब्रह्म मुहूर्त 6:15 सुबह – 7:07 सुबह 52मि चर 7:59 सुबह – 9:22 सुबह 1घं 23मि अमृत 10:45 सुबह – 11:14 सुबह 29मि शुभ 1:30 रात – 3:07 रात, 27 फ़रवरी 1घं 37मि अमृत 3:07 रात – 4:44 सुबह, 27 फ़रवरी 1घं 37मि चर 4:44 सुबह – 6:21 सुबह, 27 फ़रवरी 1घं 37मि
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यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+18 चुनने के लिए 6 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चर 8:57 रात – 10:26 रात 1घं 29मि
लाभ 1:25 रात – 2:54 रात, 19 मार्च 1घं 29मि
शुभ 4:24 सुबह – 5:53 सुबह, 19 मार्च 1घं 29मि
अमृत 5:53 सुबह – 7:23 सुबह, 19 मार्च 1घं 29मि
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18 एकादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 चर 7:23 सुबह – 8:53 सुबह12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल द्वादशी
नक्षत्र आश्लेषापाद 3
योग सुकर्मा इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:47 सुबह – 6:35 सुबह 48मि चर 7:23 सुबह – 8:53 सुबह 1घं 31मि अमृत 10:24 सुबह – 11:55 सुबह 1घं 31मि अभिजित मुहूर्त 1:26 दोपहर – 1:50 दोपहर 24मि शुभ 1:26 दोपहर – 2:56 दोपहर 1घं 31मि विजय मुहूर्त 3:27 दोपहर – 4:15 शाम 48मि चर 5:58 शाम – 7:29 शाम 1घं 31मि गोधूलि मुहूर्त 7:29 शाम – 7:52 शाम 24मि लाभ 10:27 रात – 11:56 रात 1घं 29मि शुभ 1:25 रात – 2:54 रात, 20 मार्च 1घं 29मि अमृत 2:54 रात – 4:23 सुबह, 20 मार्च 1घं 29मि चर 4:23 सुबह – 5:52 सुबह, 20 मार्च 1घं 29मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+18 द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8