विवाह मुहूर्त 2026-2027 — शुभ दिन
आगे 27 शुभ दिन · दिल्ली · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
नवंबर 2026
चर 7:05 शाम – 8:46 रात8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 2
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:04 सुबह – 5:58 सुबह54मिचर10:49 सुबह – 12:08 दोपहर1घं 19मिअभिजित मुहूर्त11:47 सुबह – 12:29 दोपहर42मिलाभ12:08 दोपहर – 1:27 दोपहर1घं 19मिशुभ4:05 शाम – 5:24 शाम1घं 19मिगोधूलि मुहूर्त5:24 शाम – 5:51 शाम27मिअमृत5:24 शाम – 7:05 शाम1घं 41मिचर7:05 शाम – 8:46 रात1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — घर में नरमी रहती है)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — घर में नरमी रहती है+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
चर 5:24 शाम – 7:05 शाम9 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 4
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:07 सुबह – 6:01 सुबह54मिलाभ2:47 दोपहर – 4:05 शाम1घं 19मिअमृत4:05 शाम – 5:24 शाम1घं 19मिगोधूलि मुहूर्त5:24 शाम – 5:51 शाम27मिचर5:24 शाम – 7:05 शाम1घं 42मिलाभ10:28 रात – 12:10 रात, 1 दिसंबर1घं 42मिशुभ1:51 रात – 3:33 रात, 1 दिसंबर1घं 42मिअमृत3:33 रात – 5:14 सुबह, 1 दिसंबर1घं 42मिचर5:14 सुबह – 6:56 सुबह, 1 दिसंबर1घं 42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
82/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+10
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
दिसंबर 2026
लाभ 12:11 रात – 1:53 रात, 4 दिसंबर4 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (4)
ब्रह्म मुहूर्त5:09 सुबह – 6:03 सुबह54मिलाभ12:11 रात – 1:53 रात, 4 दिसंबर1घं 42मिशुभ3:35 रात – 5:16 सुबह, 4 दिसंबर1घं 42मिअमृत5:16 सुबह – 6:58 सुबह, 4 दिसंबर1घं 42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (निभाया गया वचन)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र — निभाया गया वचन+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 4 समय+8
लाभ 8:48 रात – 10:30 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 4
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:10 सुबह – 6:04 सुबह54मिचर6:58 सुबह – 8:16 सुबह1घं 18मिअमृत9:35 सुबह – 10:53 सुबह1घं 18मिअभिजित मुहूर्त12:11 दोपहर – 12:32 दोपहर21मिशुभ12:11 दोपहर – 1:29 दोपहर1घं 18मिविजय मुहूर्त1:55 दोपहर – 2:37 दोपहर42मिचर4:06 शाम – 5:24 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त5:24 शाम – 5:51 शाम27मिलाभ8:48 रात – 10:30 रात1घं 42मिशुभ12:11 रात – 1:53 रात, 5 दिसंबर1घं 42मिअमृत1:53 रात – 3:35 रात, 5 दिसंबर1घं 42मिचर3:35 रात – 5:17 सुबह, 5 दिसंबर1घं 42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — घर अच्छा चलता है)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — घर अच्छा चलता है+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
लाभ 8:50 रात – 10:32 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:14 सुबह – 6:09 सुबह55मिचर7:03 सुबह – 8:21 सुबह1घं 18मिअमृत9:39 सुबह – 10:56 सुबह1घं 18मिअभिजित मुहूर्त12:14 दोपहर – 12:35 दोपहर21मिशुभ12:14 दोपहर – 1:32 दोपहर1घं 18मिविजय मुहूर्त1:58 दोपहर – 2:39 दोपहर41मिचर4:07 शाम – 5:25 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त5:25 शाम – 5:52 शाम27मिलाभ8:50 रात – 10:32 रात1घं 42मिशुभ12:14 रात – 1:57 रात, 12 दिसंबर1घं 42मिअमृत1:57 रात – 3:39 रात, 12 दिसंबर1घं 42मिचर3:39 रात – 5:22 सुबह, 12 दिसंबर1घं 42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
72/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+10
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
जनवरी 2027
अमृत 2:11 रात – 3:53 रात, 16 जनवरी7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:21 सुबह54मिचर7:15 सुबह – 8:34 सुबह1घं 19मिअमृत9:53 सुबह – 11:12 सुबह1घं 19मिअभिजित मुहूर्त12:30 दोपहर – 12:51 दोपहर21मिशुभ12:30 दोपहर – 1:49 दोपहर1घं 19मिअमृत2:11 रात – 3:53 रात, 16 जनवरी1घं 41मिचर3:53 रात – 5:34 सुबह, 16 जनवरी1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
92/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- पंचक चल रहा है — परंपरा मना नहीं करती, उपाय बताती है-8
चर 5:49 शाम – 7:29 शाम8 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- कृत्तिकापाद 2
- योग
- शुभ
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:21 सुबह54मिअमृत7:14 सुबह – 8:34 सुबह1घं 19मिशुभ9:53 सुबह – 11:12 सुबह1घं 19मिअभिजित मुहूर्त12:31 दोपहर – 12:53 दोपहर21मिलाभ3:10 दोपहर – 4:29 शाम1घं 19मिअमृत4:29 शाम – 5:49 शाम1घं 19मिगोधूलि मुहूर्त5:49 शाम – 6:15 शाम27मिचर5:49 शाम – 7:29 शाम1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + कृत्तिका नक्षत्र (साफ़ फ़ैसले लेने वाला)
92/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- कृत्तिका नक्षत्र — साफ़ फ़ैसले लेने वाला+10
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
शुभ 7:31 शाम – 9:11 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 3
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:20 सुबह54मिलाभ7:14 सुबह – 8:33 सुबह1घं 20मिविजय मुहूर्त2:18 दोपहर – 3:01 दोपहर42मिचर3:11 दोपहर – 4:31 शाम1घं 20मिलाभ4:31 शाम – 5:50 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:50 शाम – 6:17 शाम27मिशुभ7:31 शाम – 9:11 रात1घं 40मिअमृत9:11 रात – 10:52 रात1घं 40मिचर10:52 रात – 12:32 रात, 21 जनवरी1घं 40मिलाभ3:53 रात – 5:33 सुबह, 21 जनवरी1घं 40मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — घर में नरमी रहती है)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — घर में नरमी रहती है+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 5:54 शाम – 7:34 शाम12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 1
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:26 सुबह – 6:19 सुबह53मिअमृत8:11 सुबह – 8:33 सुबह22मिशुभ9:53 सुबह – 11:13 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:33 दोपहर – 12:55 दोपहर21मिलाभ3:14 दोपहर – 4:34 शाम1घं 20मिअमृत4:34 शाम – 5:54 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:54 शाम – 6:21 शाम27मिचर5:54 शाम – 7:34 शाम1घं 40मिलाभ10:54 रात – 12:33 रात, 26 जनवरी1घं 40मिशुभ2:13 रात – 3:53 रात, 26 जनवरी1घं 40मिअमृत3:53 रात – 5:32 सुबह, 26 जनवरी1घं 40मिचर5:32 सुबह – 7:12 सुबह, 26 जनवरी1घं 40मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — विवाह का तारा)
82/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — विवाह का तारा+10
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
अमृत 5:57 शाम – 7:36 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 2
- योग
- धृति
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:25 सुबह – 6:18 सुबह53मिशुभ4:36 शाम – 5:57 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त5:57 शाम – 6:23 शाम26मिअमृत5:57 शाम – 7:36 शाम1घं 39मिचर7:36 शाम – 9:15 रात1घं 39मिलाभ12:34 रात – 2:13 रात, 29 जनवरी1घं 39मिशुभ3:52 रात – 5:32 सुबह, 29 जनवरी1घं 39मिअमृत5:32 सुबह – 7:11 सुबह, 29 जनवरी1घं 39मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
82/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+10
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
फ़रवरी 2027
चर 6:00 शाम – 7:39 शाम11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठापाद 1
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:24 सुबह – 6:17 सुबह53मिशुभ9:52 सुबह – 11:13 सुबह1घं 21मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:56 दोपहर22मिलाभ3:17 दोपहर – 4:39 शाम1घं 21मिअमृत4:39 शाम – 6:00 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त6:00 शाम – 6:26 शाम26मिचर6:00 शाम – 7:39 शाम1घं 39मिलाभ10:56 रात – 12:34 रात, 2 फ़रवरी1घं 39मिशुभ2:13 रात – 3:52 रात, 2 फ़रवरी1घं 39मिअमृत3:52 रात – 5:30 सुबह, 2 फ़रवरी1घं 39मिचर5:30 सुबह – 7:09 सुबह, 2 फ़रवरी1घं 39मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — ज्येष्ठा नक्षत्र (बड़ों का संरक्षण)
82/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- ज्येष्ठा नक्षत्र — बड़ों का संरक्षण+10
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 7:40 शाम – 9:18 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- मूलपाद 4
- योग
- हर्षण
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:23 सुबह – 6:16 सुबह52मिलाभ7:08 सुबह – 8:30 सुबह1घं 22मिविजय मुहूर्त2:24 दोपहर – 3:07 दोपहर44मिचर3:18 दोपहर – 4:40 शाम1घं 22मिलाभ4:40 शाम – 6:02 शाम1घं 22मिगोधूलि मुहूर्त6:02 शाम – 6:28 शाम26मिशुभ7:40 शाम – 9:18 रात1घं 38मिअमृत9:18 रात – 10:56 रात1घं 38मिचर10:56 रात – 12:35 रात, 4 फ़रवरी1घं 38मिलाभ3:51 रात – 5:29 सुबह, 4 फ़रवरी1घं 38मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चर 11:13 सुबह – 12:35 दोपहर5 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 3
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त5:23 सुबह – 6:15 सुबह52मिचर11:13 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 22मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:57 दोपहर44मिलाभ12:35 दोपहर – 1:57 दोपहर1घं 22मिअमृत5:50 सुबह – 7:07 सुबह, 5 फ़रवरी1घं 17मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
72/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+10
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:45 शाम – 9:22 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:19 सुबह – 6:11 सुबह52मिचर11:12 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:58 दोपहर44मिलाभ12:35 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 23मिशुभ4:45 शाम – 6:08 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:08 शाम – 6:34 शाम26मिअमृत6:08 शाम – 7:45 शाम1घं 37मिचर7:45 शाम – 9:22 रात1घं 37मिलाभ12:35 रात – 2:12 रात, 12 फ़रवरी1घं 37मिशुभ3:49 रात – 5:25 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 37मिअमृत5:25 सुबह – 7:02 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
92/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- पंचक चल रहा है — परंपरा मना नहीं करती, उपाय बताती है-8
चर 6:16 शाम – 7:51 शाम12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीपाद 4
- योग
- सुकर्मा
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:12 सुबह – 6:03 सुबह51मिअमृत6:53 सुबह – 8:19 सुबह1घं 25मिशुभ9:44 सुबह – 11:09 सुबह1घं 25मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:58 दोपहर23मिलाभ3:25 दोपहर – 4:51 शाम1घं 25मिअमृत4:51 शाम – 6:16 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त6:16 शाम – 6:41 शाम25मिचर6:16 शाम – 7:51 शाम1घं 35मिलाभ11:00 रात – 12:34 रात, 23 फ़रवरी1घं 35मिशुभ2:09 रात – 3:43 रात, 23 फ़रवरी1घं 35मिअमृत3:43 रात – 5:18 सुबह, 23 फ़रवरी1घं 35मिचर5:18 सुबह – 6:52 सुबह, 23 फ़रवरी1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (सुख और आराम — विवाह का तारा)
82/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र — सुख और आराम — विवाह का तारा+10
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
अमृत 6:18 शाम – 7:52 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 4
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:10 सुबह – 6:00 सुबह50मिचर11:08 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:11 दोपहर – 12:57 दोपहर46मिलाभ12:34 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 26मिशुभ4:52 शाम – 6:18 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:18 शाम – 6:43 शाम25मिअमृत6:18 शाम – 7:52 शाम1घं 34मिचर7:52 शाम – 9:26 रात1घं 34मिलाभ12:34 रात – 2:08 रात, 26 फ़रवरी1घं 34मिशुभ3:42 रात – 5:16 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 34मिअमृत5:16 सुबह – 6:50 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
82/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+10
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
मार्च 2027
अमृत 9:27 रात – 11:00 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ापाद 2
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:55 सुबह50मिलाभ6:44 सुबह – 8:12 सुबह1घं 27मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:16 दोपहर47मिचर3:28 दोपहर – 4:55 शाम1घं 27मिलाभ4:55 शाम – 6:22 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:22 शाम – 6:47 शाम25मिशुभ7:55 शाम – 9:27 रात1घं 33मिअमृत9:27 रात – 11:00 रात1घं 33मिचर11:00 रात – 12:33 रात, 4 मार्च1घं 33मिलाभ3:38 रात – 5:11 सुबह, 4 मार्च1घं 33मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र (शुरुआत में जोश)
72/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र — शुरुआत में जोश+10
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 12:33 रात – 2:05 रात, 5 मार्च11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 2
- योग
- वरीयान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:05 सुबह – 5:54 सुबह49मिचर11:06 सुबह – 12:33 दोपहर1घं 27मिअभिजित मुहूर्त12:10 दोपहर – 12:56 दोपहर47मिलाभ12:33 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 27मिशुभ4:55 शाम – 6:23 शाम1घं 27मिगोधूलि मुहूर्त6:23 शाम – 6:47 शाम25मिअमृत6:23 शाम – 7:55 शाम1घं 32मिचर7:55 शाम – 9:28 रात1घं 32मिलाभ12:33 रात – 2:05 रात, 5 मार्च1घं 32मिशुभ3:37 रात – 5:10 सुबह, 5 मार्च1घं 32मिअमृत5:10 सुबह – 6:42 सुबह, 5 मार्च1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
शुभ 7:58 शाम – 9:29 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 4
- योग
- शुक्ल
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:59 सुबह – 5:48 सुबह49मिलाभ6:37 सुबह – 8:06 सुबह1घं 29मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:17 दोपहर47मिचर3:29 दोपहर – 4:58 शाम1घं 29मिलाभ4:58 शाम – 6:26 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:26 शाम – 6:51 शाम24मिशुभ7:58 शाम – 9:29 रात1घं 31मिअमृत9:29 रात – 11:00 रात1घं 31मिचर11:00 रात – 12:31 रात, 11 मार्च1घं 31मिलाभ3:33 रात – 5:05 सुबह, 11 मार्च1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव — टिकाऊ विवाह)
82/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव — टिकाऊ विवाह+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- पंचक चल रहा है — परंपरा मना नहीं करती, उपाय बताती है-8
लाभ 11:00 रात – 12:30 रात, 16 मार्च7 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 4
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:55 सुबह – 5:43 सुबह48मिअमृत6:31 सुबह – 8:01 सुबह1घं 30मिशुभ9:31 सुबह – 10:52 सुबह1घं 21मिलाभ11:00 रात – 12:30 रात, 16 मार्च1घं 30मिशुभ2:00 रात – 3:30 रात, 16 मार्च1घं 30मिअमृत3:30 रात – 5:00 सुबह, 16 मार्च1घं 30मिचर5:00 सुबह – 6:30 सुबह, 16 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — घर फलता है)
100/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — घर फलता है+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अप्रैल 2027
चर 5:11 शाम – 6:47 शाम9 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- आश्लेषापाद 4
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:26 सुबह – 5:10 सुबह45मिचर5:55 सुबह – 7:31 सुबह1घं 37मिअमृत9:08 सुबह – 10:45 सुबह1घं 37मिअभिजित मुहूर्त12:21 दोपहर – 12:47 दोपहर26मिशुभ12:21 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 37मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:21 दोपहर52मिचर5:11 शाम – 6:47 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:47 शाम – 7:10 शाम22मिलाभ9:34 रात – 10:24 रात50मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — आश्लेषा नक्षत्र (गहरा लगाव)
72/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- आश्लेषा नक्षत्र — गहरा लगाव+10
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:12 शाम – 6:49 शाम12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 1
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:08 सुबह44मिअमृत5:52 सुबह – 7:29 सुबह1घं 37मिशुभ9:06 सुबह – 10:43 सुबह1घं 37मिअभिजित मुहूर्त12:21 दोपहर – 12:46 दोपहर26मिलाभ3:35 दोपहर – 5:12 शाम1घं 37मिअमृत5:12 शाम – 6:49 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:49 शाम – 7:11 शाम22मिचर6:49 शाम – 8:12 रात1घं 23मिलाभ10:57 रात – 12:20 रात, 20 अप्रैल1घं 23मिशुभ1:43 रात – 3:05 रात, 20 अप्रैल1घं 23मिअमृत3:05 रात – 4:28 सुबह, 20 अप्रैल1घं 23मिचर4:28 सुबह – 4:52 सुबह, 20 अप्रैल24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — घर अच्छा चलता है)
80/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — घर अच्छा चलता है+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 10:42 सुबह – 12:20 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- विशाखापाद 1
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:21 सुबह – 5:05 सुबह44मिचर10:42 सुबह – 12:20 दोपहर1घं 38मिअभिजित मुहूर्त11:54 सुबह – 12:46 दोपहर52मिलाभ12:20 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 38मिशुभ5:13 शाम – 6:51 शाम1घं 38मिगोधूलि मुहूर्त6:51 शाम – 7:13 शाम22मिअमृत6:51 शाम – 8:13 रात1घं 22मिचर8:13 रात – 9:35 रात1घं 22मिलाभ12:19 रात – 1:42 रात, 23 अप्रैल1घं 22मिशुभ3:04 रात – 4:26 सुबह, 23 अप्रैल1घं 22मिअमृत4:26 सुबह – 5:48 सुबह, 23 अप्रैल1घं 22मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + विशाखा नक्षत्र (साझा लक्ष्य)
92/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- विशाखा नक्षत्र — साझा लक्ष्य+10
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- गुरुवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 5:48 सुबह – 7:26 सुबह6 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- अनुराधापाद 1
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:20 सुबह – 5:04 सुबह44मिचर5:48 सुबह – 7:26 सुबह1घं 38मिअमृत9:04 सुबह – 10:42 सुबह1घं 38मिअभिजित मुहूर्त12:20 दोपहर – 12:46 दोपहर26मिशुभ12:20 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 38मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:23 दोपहर52मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अनुराधा नक्षत्र (टिकने वाली दोस्ती)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अनुराधा नक्षत्र — टिकने वाली दोस्ती+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- शुक्रवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अमृत 5:45 सुबह – 7:24 सुबह12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- मूलपाद 4
- योग
- शिव
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:18 सुबह – 5:02 सुबह43मिअमृत5:45 सुबह – 7:24 सुबह1घं 39मिशुभ9:02 सुबह – 10:41 सुबह1घं 39मिअभिजित मुहूर्त12:19 दोपहर – 12:45 दोपहर26मिलाभ3:36 दोपहर – 5:15 शाम1घं 39मिअमृत5:15 शाम – 6:53 शाम1घं 39मिगोधूलि मुहूर्त6:53 शाम – 7:15 शाम22मिचर6:53 शाम – 8:15 रात1घं 21मिलाभ10:57 रात – 12:19 रात, 27 अप्रैल1घं 21मिशुभ1:40 रात – 3:01 रात, 27 अप्रैल1घं 21मिअमृत3:01 रात – 4:23 सुबह, 27 अप्रैल1घं 21मिचर4:23 सुबह – 5:44 सुबह, 27 अप्रैल1घं 21मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मूल नक्षत्र (जड़ से शुरुआत)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मूल नक्षत्र — जड़ से शुरुआत+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
लाभ 5:43 सुबह – 7:22 सुबह10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ापाद 3
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त4:17 सुबह – 5:00 सुबह43मिलाभ5:43 सुबह – 7:22 सुबह1घं 39मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:23 दोपहर53मिचर3:37 दोपहर – 5:16 शाम1घं 39मिलाभ5:16 शाम – 6:55 शाम1घं 39मिगोधूलि मुहूर्त6:55 शाम – 7:16 शाम22मिशुभ8:15 रात – 9:36 रात1घं 21मिअमृत9:36 रात – 10:57 रात1घं 21मिचर10:57 रात – 12:18 रात, 29 अप्रैल1घं 21मिलाभ3:00 रात – 4:21 सुबह, 29 अप्रैल1घं 21मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (टिकने वाली जीत)
90/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — टिकने वाली जीत+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- बुधवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
मई 2027
अमृत 5:39 सुबह – 7:19 सुबह12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपदपाद 1
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:13 सुबह – 4:56 सुबह43मिअमृत5:39 सुबह – 7:19 सुबह1घं 40मिशुभ8:59 सुबह – 10:38 सुबह1घं 40मिअभिजित मुहूर्त12:18 दोपहर – 12:45 दोपहर27मिलाभ3:38 दोपहर – 5:18 शाम1घं 40मिअमृत5:18 शाम – 6:58 शाम1घं 40मिगोधूलि मुहूर्त6:58 शाम – 7:19 शाम21मिचर6:58 शाम – 8:18 रात1घं 20मिलाभ10:58 रात – 12:18 रात, 4 मई1घं 20मिशुभ1:38 रात – 2:58 रात, 4 मई1घं 20मिअमृत2:58 रात – 4:18 सुबह, 4 मई1घं 20मिचर4:18 सुबह – 5:38 सुबह, 4 मई1घं 20मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — उत्तर भाद्रपद नक्षत्र (गहरी समझ और ठहराव — टिकाऊ विवाह)
72/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र — गहरी समझ और ठहराव — टिकाऊ विवाह+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- सोमवार — पसंदीदा वार+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
- पंचक चल रहा है — परंपरा मना नहीं करती, उपाय बताती है-8
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Drik Panchang, "Hindu Marriage Day and Vivah Muhurat — Panchangam Shuddhi Vichar"