होम / शुभ मुहूर्त / यात्रा यात्रा मुहूर्त 2026-2027 — शुभ दिन आगे 61 शुभ दिन · न्यूयॉर्क · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
नवंबर 2026 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14
ये दिन कैसे चुने जाते हैं दिन किस बात से तय होता है पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है 2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Bhaktimala, "Yatra — setting out on a journey."
मई 2027 र सो मं बु गु शु श 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31
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नवंबर 2026 लाभ 8:13 रात – 9:57 रात10 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण त्रयोदशी
नक्षत्र हस्तपाद 3
योग विष्कम्भ इस दिन का समय (10) ब्रह्म मुहूर्त 4:42 सुबह – 5:37 सुबह 55मि चर 6:32 सुबह – 7:49 सुबह 1घं 17मि अमृत 9:06 सुबह – 10:23 सुबह 1घं 17मि अभिजित मुहूर्त 11:39 सुबह – 12:00 दोपहर 20मि शुभ 11:39 सुबह – 12:56 दोपहर 1घं 17मि विजय मुहूर्त 1:22 दोपहर – 2:03 दोपहर 41मि चर 3:30 दोपहर – 4:47 शाम 1घं 17मि गोधूलि मुहूर्त 4:47 शाम – 5:14 शाम 28मि लाभ 8:13 रात – 9:57 रात 1घं 43मि शुभ 11:40 रात – 12:18 रात, 7 नवंबर 38मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18 त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 10 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 शुभ 4:45 शाम – 6:29 शाम13 समय
वार रविवार
तिथि कृष्ण अमावस्या
नक्षत्र स्वातिपाद 2
योग आयुष्मान इस दिन का समय (13) ब्रह्म मुहूर्त 4:44 सुबह – 5:39 सुबह 55मि चर 7:51 सुबह – 9:07 सुबह 1घं 16मि लाभ 9:07 सुबह – 10:23 सुबह 1घं 16मि अमृत 10:23 सुबह – 11:40 सुबह 1घं 16मि अभिजित मुहूर्त 11:19 सुबह – 11:40 सुबह 20मि शुभ 12:56 दोपहर – 2:12 दोपहर 1घं 16मि विजय मुहूर्त 1:21 दोपहर – 2:02 दोपहर 41मि
अमृत 3:23 दोपहर – 4:37 शाम7 समय
वार सोमवार
तिथि शुक्ल सप्तमी
नक्षत्र श्रवणपाद 3
योग वृद्धि इस दिन का समय (7) ब्रह्म मुहूर्त 4:51 सुबह – 5:47 सुबह 56मि अमृत 6:44 सुबह – 7:58 सुबह 1घं 14मि शुभ 9:12 सुबह – 10:26 सुबह 1घं 14मि लाभ 2:09 दोपहर – 3:23 दोपहर 1घं 14मि अमृत 3:23 दोपहर – 4:37 शाम 1घं 14मि गोधूलि मुहूर्त 4:37 शाम – 5:06 शाम
शुभ 9:55 रात – 11:41 रात8 समय
वार मंगलवार
तिथि शुक्ल अष्टमी
नक्षत्र धनिष्ठापाद 3
योग ध्रुव इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 4:52 सुबह – 5:48 सुबह 57मि लाभ 10:27 सुबह – 11:41 सुबह 1घं 14मि विजय मुहूर्त 1:19 दोपहर – 1:59 दोपहर 39मि गोधूलि मुहूर्त 4:37 शाम – 5:05 शाम 28मि लाभ 6:23 शाम – 8:09 रात 1घं 46मि शुभ 9:55 रात – 11:41 रात 1घं 46मि अमृत 11:41 रात – 1:28 रात, 18 नवंबर 1घं 46मि
शुभ 4:33 शाम – 6:21 शाम12 समय
वार रविवार
तिथि शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्र अश्विनीपाद 3
योग व्यतीपात इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 4:56 सुबह – 5:54 सुबह 57मि चर 8:04 सुबह – 9:16 सुबह 1घं 13मि लाभ 9:16 सुबह – 10:29 सुबह 1घं 13मि अमृत 10:29 सुबह – 11:42 सुबह 1घं 13मि शुभ 12:55 दोपहर – 2:08 दोपहर 1घं 13मि विजय मुहूर्त 1:19 दोपहर – 1:58 दोपहर
अमृत 8:08 रात – 9:56 रात10 समय
वार बुधवार
तिथि कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र रोहिणीपाद 4
योग सिद्ध इस दिन का समय (10) ब्रह्म मुहूर्त 4:59 सुबह – 5:57 सुबह 57मि लाभ 6:54 सुबह – 8:06 सुबह 1घं 12मि विजय मुहूर्त 1:19 दोपहर – 1:58 दोपहर 39मि चर 2:07 दोपहर – 3:20 दोपहर 1घं 12मि लाभ 3:20 दोपहर – 4:32 शाम 1घं 12मि गोधूलि मुहूर्त 4:32 शाम – 5:01 शाम
लाभ 11:44 रात – 1:32 रात, 27 नवंबर7 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण तृतीया
नक्षत्र मृगशिरापाद 4
योग साध्य इस दिन का समय (7) ब्रह्म मुहूर्त 5:00 सुबह – 5:58 सुबह 58मि चर 10:31 सुबह – 11:43 सुबह 1घं 12मि अभिजित मुहूर्त 11:24 सुबह – 12:02 दोपहर 38मि लाभ 11:43 सुबह – 12:55 दोपहर 1घं 12मि लाभ 11:44 रात – 1:32 रात, 27 नवंबर 1घं 48मि शुभ
लाभ 8:07 रात – 9:56 रात11 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 1
योग शुभ इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:01 सुबह – 5:59 सुबह 58मि चर 6:56 सुबह – 8:08 सुबह 1घं 12मि अमृत 9:20 सुबह – 10:32 सुबह 1घं 12मि शुभ 11:44 सुबह – 12:55 दोपहर 1घं 12मि विजय मुहूर्त 1:19 दोपहर – 1:58 दोपहर 38मि चर 3:19 दोपहर – 4:31 शाम 1घं 12मि गोधूलि मुहूर्त 4:31 शाम – 5:00 शाम 29मि
दिसंबर 2026 चर 6:18 शाम – 8:08 रात9 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण दशमी
नक्षत्र हस्तपाद 2
योग आयुष्मान इस दिन का समय (9) ब्रह्म मुहूर्त 5:06 सुबह – 6:04 सुबह 58मि लाभ 12:34 दोपहर – 12:57 दोपहर 23मि शुभ 3:18 दोपहर – 4:29 शाम 1घं 11मि गोधूलि मुहूर्त 4:29 शाम – 4:58 शाम 29मि
जनवरी 2027 चर 3:55 रात – 5:30 सुबह, 2 जनवरी6 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण दशमी
नक्षत्र स्वातिपाद 1
योग सुकर्मा इस दिन का समय (6) ब्रह्म मुहूर्त 5:22 सुबह – 6:21 सुबह 59मि चर 7:20 सुबह – 8:30 सुबह 1घं 10मि अमृत 9:40 सुबह – 10:50 सुबह 1घं 10मि शुभ 12:00 दोपहर – 1:10 दोपहर 1घं 10मि
फ़रवरी 2027 अमृत 7:03 शाम – 8:45 रात13 समय
वार रविवार
तिथि शुक्ल प्रतिपदा
नक्षत्र धनिष्ठापाद 4
योग वरीयान इस दिन का समय (13) ब्रह्म मुहूर्त 5:10 सुबह – 6:05 सुबह 55मि चर 8:17 सुबह – 9:35 सुबह 1घं 18मि लाभ 9:35 सुबह – 10:53 सुबह 1घं 18मि अमृत 10:53 सुबह – 12:10 दोपहर 1घं 18मि अभिजित मुहूर्त 11:50 सुबह – 12:10 दोपहर 21मि शुभ 1:28 दोपहर – 2:46 दोपहर
मार्च 2027 लाभ 8:59 रात – 10:33 रात10 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण त्रयोदशी
नक्षत्र श्रवणपाद 3
योग परिघ इस दिन का समय (10) ब्रह्म मुहूर्त 4:43 सुबह – 5:34 सुबह 50मि चर 6:24 सुबह – 7:50 सुबह 1घं 26मि अमृत 9:16 सुबह – 10:42 सुबह 1घं 26मि अभिजित मुहूर्त 12:08 दोपहर – 12:31 दोपहर 23मि
अप्रैल 2027 शुभ 4:46 शाम – 6:21 शाम8 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण दशमी
नक्षत्र श्रवणपाद 1
योग सिद्ध इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 4:09 सुबह – 4:54 सुबह 45मि शुभ 4:46 शाम – 6:21 शाम 1घं 35मि गोधूलि मुहूर्त 6:21 शाम – 6:43 शाम 23मि अमृत 6:21 शाम – 7:45 शाम 1घं 25मि
मई 2027 अमृत 11:53 रात – 1:07 रात, 5 मई5 समय
वार मंगलवार
तिथि कृष्ण त्रयोदशी
नक्षत्र रेवतीपाद 2
योग विष्कम्भ इस दिन का समय (5) ब्रह्म मुहूर्त 3:31 रात – 4:11 सुबह 40मि लाभ 8:29 रात – 9:24 रात 55मि शुभ 10:38 रात – 11:53 रात 1घं 14मि अमृत 11:53 रात – 1:07 रात, 5 मई 1घं 14मि
जिन महीनों में मुहूर्त है गोधूलि मुहूर्त
4:45 शाम – 5:12 शाम
28मि
शुभ 4:45 शाम – 6:29 शाम 1घं 44मि
अमृत 6:29 शाम – 8:12 रात 1घं 44मि
चर 8:12 रात – 9:56 रात 1घं 44मि
लाभ 1:24 रात – 3:08 रात, 9 नवंबर 1घं 44मि
शुभ 4:52 सुबह – 6:36 सुबह, 9 नवंबर 1घं 44मि
यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18 चुनने के लिए 13 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 28मि
चर 4:37 शाम – 5:50 शाम 1घं 13मि
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18 सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 7 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चर
1:28 रात – 3:14 रात, 18 नवंबर
1घं 46मि
यह दिन क्यों शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18 चुनने के लिए 8 समय+8 39मि
गोधूलि मुहूर्त 4:33 शाम – 5:02 शाम 29मि
शुभ 4:33 शाम – 6:21 शाम 1घं 47मि
अमृत 6:21 शाम – 8:08 रात 1घं 47मि
चर 8:08 रात – 9:55 रात 1घं 47मि
लाभ 1:30 रात – 3:17 रात, 23 नवंबर 1घं 47मि
शुभ 5:05 सुबह – 6:52 सुबह, 23 नवंबर 1घं 47मि
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अश्विनी नक्षत्र (तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है अश्विनी नक्षत्र — तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है+18 त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 29मि
शुभ 6:20 शाम – 8:08 रात 1घं 48मि
अमृत 8:08 रात – 9:56 रात 1घं 48मि
चर 9:56 रात – 11:43 रात 1घं 48मि
लाभ 3:19 रात – 5:07 सुबह, 26 नवंबर 1घं 48मि
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 10 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 3:20 रात – 5:08 सुबह, 27 नवंबर
1घं 48मि
अमृत 5:08 सुबह – 6:56 सुबह, 27 नवंबर 1घं 48मि
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 7 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 लाभ
8:07 रात – 9:56 रात
1घं 48मि
शुभ 11:44 रात – 1:32 रात, 28 नवंबर 1घं 48मि
अमृत 1:32 रात – 3:21 रात, 28 नवंबर 1घं 48मि
चर 3:21 रात – 5:09 सुबह, 28 नवंबर 1घं 48मि
यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 अमृत 4:29 शाम – 6:18 शाम 1घं 49मि
चर 6:18 शाम – 8:08 रात 1घं 49मि
लाभ 11:46 रात – 1:36 रात, 4 दिसंबर 1घं 49मि
शुभ 3:25 रात – 5:14 सुबह, 4 दिसंबर 1घं 49मि
अमृत 5:14 सुबह – 7:03 सुबह, 4 दिसंबर 1घं 49मि
यह दिन क्यों अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18 दशमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 9 समय+8 लाभ 8:08 रात – 9:57 रात11 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण एकादशी
नक्षत्र चित्रापाद 2
योग सौभाग्य इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:07 सुबह – 6:05 सुबह 58मि चर 7:03 सुबह – 8:14 सुबह 1घं 11मि अमृत 9:25 सुबह – 10:35 सुबह 1घं 11मि शुभ 11:46 सुबह – 12:57 दोपहर 1घं 11मि विजय मुहूर्त 1:20 दोपहर – 1:58 दोपहर 38मि चर 3:18 दोपहर – 4:29 शाम 1घं 11मि गोधूलि मुहूर्त 4:29 शाम – 4:58 शाम 29मि लाभ 8:08 रात – 9:57 रात 1घं 49मि शुभ 11:47 रात – 1:36 रात, 5 दिसंबर 1घं 49मि अमृत 1:36 रात – 3:26 रात, 5 दिसंबर 1घं 49मि चर 3:26 रात – 5:15 सुबह, 5 दिसंबर 1घं 49मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18 एकादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 शुभ 4:29 शाम – 6:20 शाम12 समय
वार रविवार
तिथि शुक्ल पंचमी
नक्षत्र श्रवणपाद 2
योग व्याघात इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:14 सुबह – 6:12 सुबह 59मि चर 8:21 सुबह – 9:31 सुबह 1घं 10मि लाभ 9:31 सुबह – 10:40 सुबह 1घं 10मि अमृत 10:40 सुबह – 11:50 सुबह 1घं 10मि शुभ 1:00 दोपहर – 2:10 दोपहर 1घं 10मि विजय मुहूर्त 1:23 दोपहर – 2:00 दोपहर 37मि गोधूलि मुहूर्त 4:29 शाम – 4:59 शाम 29मि शुभ 4:29 शाम – 6:20 शाम 1घं 50मि अमृत 6:20 शाम – 8:10 रात 1घं 50मि चर 8:10 रात – 10:00 रात 1घं 50मि लाभ 1:41 रात – 3:31 रात, 14 दिसंबर 1घं 50मि शुभ 5:22 सुबह – 7:12 सुबह, 14 दिसंबर 1घं 50मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18 पंचमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 10:01 रात – 11:51 रात11 समय
वार सोमवार
तिथि शुक्ल पंचमी
नक्षत्र धनिष्ठापाद 2
योग हर्षण इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:14 सुबह – 6:13 सुबह 59मि अमृत 7:12 सुबह – 8:22 सुबह 1घं 10मि शुभ 9:31 सुबह – 10:41 सुबह 1घं 10मि लाभ 2:10 दोपहर – 3:20 दोपहर 1घं 10मि अमृत 3:20 दोपहर – 4:29 शाम 1घं 10मि गोधूलि मुहूर्त 4:29 शाम – 4:59 शाम 29मि चर 4:29 शाम – 6:20 शाम 1घं 50मि लाभ 10:01 रात – 11:51 रात 1घं 50मि शुभ 1:41 रात – 3:32 रात, 15 दिसंबर 1घं 50मि अमृत 3:32 रात – 5:22 सुबह, 15 दिसंबर 1घं 50मि चर 5:22 सुबह – 7:13 सुबह, 15 दिसंबर 1घं 50मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18 पंचमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 अमृत 1:44 रात – 3:34 रात, 19 दिसंबर11 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल नवमी
नक्षत्र रेवतीपाद 1
योग वरीयान इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:17 सुबह – 6:16 सुबह 59मि चर 7:15 सुबह – 8:24 सुबह 1घं 10मि अमृत 9:34 सुबह – 10:43 सुबह 1घं 10मि शुभ 11:53 सुबह – 1:02 दोपहर 1घं 10मि विजय मुहूर्त 1:25 दोपहर – 2:02 दोपहर 37मि चर 3:21 दोपहर – 4:31 शाम 1घं 10मि गोधूलि मुहूर्त 4:31 शाम – 5:00 शाम 29मि लाभ 8:12 रात – 10:02 रात 1घं 51मि शुभ 11:53 रात – 1:44 रात, 19 दिसंबर 1घं 51मि अमृत 1:44 रात – 3:34 रात, 19 दिसंबर 1घं 51मि चर 3:34 रात – 5:25 सुबह, 19 दिसंबर 1घं 51मि
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यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 लाभ 6:23 शाम – 8:14 रात7 समय
वार मंगलवार
तिथि शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्र रोहिणीपाद 2
योग साध्य इस दिन का समय (7) ब्रह्म मुहूर्त 5:19 सुबह – 6:18 सुबह 59मि लाभ 10:45 सुबह – 11:55 सुबह 1घं 9मि विजय मुहूर्त 1:27 दोपहर – 2:04 दोपहर 37मि गोधूलि मुहूर्त 4:33 शाम – 5:02 शाम 29मि लाभ 6:23 शाम – 8:14 रात 1घं 51मि शुभ 10:04 रात – 11:55 रात 1घं 51मि अमृत 11:55 रात – 12:18 रात, 23 दिसंबर 23मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18 चुनने के लिए 7 समय+8 अमृत 8:14 रात – 10:05 रात9 समय
वार बुधवार
तिथि शुक्ल पूर्णिमा
नक्षत्र मृगशिरापाद 2
योग शुक्ल इस दिन का समय (9) ब्रह्म मुहूर्त 5:19 सुबह – 6:18 सुबह 59मि विजय मुहूर्त 1:28 दोपहर – 2:05 दोपहर 37मि चर 2:14 दोपहर – 3:24 दोपहर 1घं 9मि लाभ 3:24 दोपहर – 4:33 शाम 1घं 9मि गोधूलि मुहूर्त 4:33 शाम – 5:03 शाम 29मि शुभ 6:24 शाम – 8:14 रात 1घं 51मि अमृत 8:14 रात – 10:05 रात 1घं 51मि चर 10:05 रात – 11:55 रात 1घं 51मि लाभ 3:37 रात – 5:27 सुबह, 24 दिसंबर 1घं 51मि
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यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18 चुनने के लिए 9 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 लाभ 8:15 रात – 10:06 रात8 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 4
योग इन्द्र इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 5:20 सुबह – 6:19 सुबह 59मि चर 7:18 सुबह – 8:28 सुबह 1घं 10मि अमृत 9:37 सुबह – 10:47 सुबह 1घं 10मि शुभ 11:56 सुबह – 1:06 दोपहर 1घं 10मि विजय मुहूर्त 1:29 दोपहर – 2:06 दोपहर 37मि चर 3:25 दोपहर – 4:34 शाम 1घं 10मि गोधूलि मुहूर्त 4:34 शाम – 5:04 शाम 29मि लाभ 8:15 रात – 10:06 रात 1घं 51मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 शुभ 6:28 शाम – 8:18 रात10 समय
वार बुधवार
तिथि कृष्ण अष्टमी
नक्षत्र हस्तपाद 1
योग शोभन इस दिन का समय (10) ब्रह्म मुहूर्त 5:22 सुबह – 6:21 सुबह 59मि लाभ 7:19 सुबह – 8:29 सुबह 1घं 10मि विजय मुहूर्त 1:32 दोपहर – 2:09 दोपहर 37मि चर 2:18 दोपहर – 3:28 दोपहर 1घं 10मि लाभ 3:28 दोपहर – 4:38 शाम 1घं 10मि गोधूलि मुहूर्त 4:38 शाम – 5:07 शाम 29मि शुभ 6:28 शाम – 8:18 रात 1घं 50मि अमृत 8:18 रात – 10:09 रात 1घं 50मि चर 10:09 रात – 11:59 रात 1घं 50मि लाभ 3:39 रात – 5:29 सुबह, 31 दिसंबर 1घं 50मि
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यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18 चुनने के लिए 10 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चर 6:29 शाम – 8:19 रात11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण नवमी
नक्षत्र चित्रापाद 1
योग अतिगण्ड इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:22 सुबह – 6:21 सुबह 59मि चर 10:49 सुबह – 11:59 सुबह 1घं 10मि अभिजित मुहूर्त 11:41 सुबह – 12:18 दोपहर 37मि लाभ 11:59 सुबह – 1:09 दोपहर 1घं 10मि शुभ 3:29 दोपहर – 4:39 शाम 1घं 10मि गोधूलि मुहूर्त 4:39 शाम – 5:08 शाम 29मि अमृत 4:39 शाम – 6:29 शाम 1घं 50मि चर 6:29 शाम – 8:19 रात 1घं 50मि लाभ 11:59 रात – 1:49 रात, 1 जनवरी 1घं 50मि शुभ 3:39 रात – 5:30 सुबह, 1 जनवरी 1घं 50मि अमृत 5:30 सुबह – 7:20 सुबह, 1 जनवरी 1घं 50मि
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यह दिन क्यों शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18 चुनने के लिए 11 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 विजय मुहूर्त 1:33 दोपहर – 2:10 दोपहर 37मि
चर 3:55 रात – 5:30 सुबह, 2 जनवरी 1घं 35मि
यह दिन क्यों अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18 दशमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 6 समय+8 शुभ 4:48 शाम – 6:37 शाम12 समय
वार रविवार
तिथि शुक्ल तृतीया
नक्षत्र धनिष्ठापाद 1
योग सिद्धि इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:23 सुबह – 6:21 सुबह 58मि चर 8:30 सुबह – 9:41 सुबह 1घं 11मि लाभ 9:41 सुबह – 10:53 सुबह 1घं 11मि अमृत 10:53 सुबह – 12:04 दोपहर 1घं 11मि शुभ 1:15 दोपहर – 2:26 दोपहर 1घं 11मि विजय मुहूर्त 1:38 दोपहर – 2:16 दोपहर 38मि गोधूलि मुहूर्त 4:48 शाम – 5:17 शाम 29मि शुभ 4:48 शाम – 6:37 शाम 1घं 49मि अमृत 6:37 शाम – 8:26 रात 1घं 49मि चर 8:26 रात – 10:15 रात 1घं 49मि लाभ 1:52 रात – 3:41 रात, 11 जनवरी 1घं 49मि शुभ 5:30 सुबह – 7:19 सुबह, 11 जनवरी 1घं 49मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 अमृत 3:41 रात – 5:30 सुबह, 12 जनवरी6 समय
वार सोमवार
तिथि शुक्ल चतुर्थी
नक्षत्र धनिष्ठापाद 4
योग व्यतीपात इस दिन का समय (6) ब्रह्म मुहूर्त 5:23 सुबह – 6:21 सुबह 58मि अमृत 7:19 सुबह – 8:30 सुबह 1घं 11मि शुभ 9:42 सुबह – 10:53 सुबह 1घं 11मि शुभ 1:53 रात – 3:41 रात, 12 जनवरी 1घं 49मि अमृत 3:41 रात – 5:30 सुबह, 12 जनवरी 1घं 49मि चर 5:30 सुबह – 7:19 सुबह, 12 जनवरी 1घं 49मि
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यह दिन क्यों शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18 चुनने के लिए 6 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 8:29 रात – 10:17 रात7 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल अष्टमी
नक्षत्र रेवतीपाद 4
योग सिद्ध इस दिन का समय (7) ब्रह्म मुहूर्त 5:22 सुबह – 6:20 सुबह 58मि चर 3:41 दोपहर – 4:53 शाम 1घं 12मि गोधूलि मुहूर्त 4:53 शाम – 5:22 शाम 29मि लाभ 8:29 रात – 10:17 रात 1घं 48मि शुभ 12:05 रात – 1:53 रात, 16 जनवरी 1घं 48मि अमृत 1:53 रात – 3:41 रात, 16 जनवरी 1घं 48मि चर 3:41 रात – 5:29 सुबह, 16 जनवरी 1घं 48मि
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यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18 चुनने के लिए 7 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 अमृत 12:07 रात – 1:54 रात, 20 जनवरी8 समय
वार मंगलवार
तिथि शुक्ल द्वादशी
नक्षत्र रोहिणीपाद 4
योग ब्रह्म इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 5:21 सुबह – 6:19 सुबह 57मि लाभ 10:54 सुबह – 12:07 दोपहर 1घं 13मि विजय मुहूर्त 1:44 दोपहर – 2:23 दोपहर 39मि गोधूलि मुहूर्त 4:58 शाम – 5:27 शाम 29मि लाभ 6:45 शाम – 8:32 रात 1घं 47मि शुभ 10:19 रात – 12:07 रात, 20 जनवरी 1घं 47मि अमृत 12:07 रात – 1:54 रात, 20 जनवरी 1घं 47मि चर 1:54 रात – 3:41 रात, 20 जनवरी 1घं 47मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18 द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 लाभ 12:07 रात – 1:54 रात, 22 जनवरी4 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 1
योग वैधृति इस दिन का समय (4) ब्रह्म मुहूर्त 5:21 सुबह – 6:18 सुबह 57मि लाभ 12:07 रात – 1:54 रात, 22 जनवरी 1घं 47मि शुभ 3:41 रात – 5:27 सुबह, 22 जनवरी 1घं 47मि अमृत 5:27 सुबह – 7:14 सुबह, 22 जनवरी 1घं 47मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 चुनने के लिए 4 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 अमृत 1:54 रात – 3:40 रात, 23 जनवरी11 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल पूर्णिमा
नक्षत्र पुष्यपाद 2
योग प्रीति इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:20 सुबह – 6:17 सुबह 57मि चर 7:14 सुबह – 8:27 सुबह 1घं 13मि अमृत 9:41 सुबह – 10:54 सुबह 1घं 13मि शुभ 12:08 दोपहर – 1:21 दोपहर 1घं 13मि विजय मुहूर्त 1:46 दोपहर – 2:25 दोपहर 39मि चर 3:48 दोपहर – 5:02 शाम 1घं 13मि गोधूलि मुहूर्त 5:02 शाम – 5:30 शाम 28मि लाभ 8:34 रात – 10:21 रात 1घं 46मि शुभ 12:07 रात – 1:54 रात, 23 जनवरी 1घं 46मि अमृत 1:54 रात – 3:40 रात, 23 जनवरी 1घं 46मि चर 3:40 रात – 5:27 सुबह, 23 जनवरी 1घं 46मि
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यह दिन क्यों शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18 चुनने के लिए 11 समय+8 लाभ 7:10 सुबह – 8:25 सुबह5 समय
वार बुधवार
तिथि कृष्ण षष्ठी
नक्षत्र हस्तपाद 3
योग सुकर्मा इस दिन का समय (5) ब्रह्म मुहूर्त 5:18 सुबह – 6:14 सुबह 56मि लाभ 7:10 सुबह – 8:25 सुबह 1घं 15मि विजय मुहूर्त 1:48 दोपहर – 2:28 दोपहर 40मि चर 2:38 दोपहर – 3:53 दोपहर 1घं 15मि लाभ 3:53 दोपहर – 5:08 शाम 1घं 15मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18 चुनने के लिए 5 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 अमृत 5:09 शाम – 6:54 शाम11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण सप्तमी
नक्षत्र चित्रापाद 3
योग शूल इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:17 सुबह – 6:13 सुबह 56मि चर 10:54 सुबह – 12:09 दोपहर 1घं 15मि अभिजित मुहूर्त 11:49 सुबह – 12:29 दोपहर 40मि लाभ 12:09 दोपहर – 1:24 दोपहर 1घं 15मि शुभ 3:54 दोपहर – 5:09 शाम 1घं 15मि गोधूलि मुहूर्त 5:09 शाम – 5:37 शाम 28मि अमृत 5:09 शाम – 6:54 शाम 1घं 45मि चर 6:54 शाम – 8:39 रात 1घं 45मि लाभ 12:09 रात – 1:54 रात, 29 जनवरी 1घं 45मि शुभ 3:39 रात – 5:24 सुबह, 29 जनवरी 1घं 45मि अमृत 5:24 सुबह – 7:09 सुबह, 29 जनवरी 1घं 45मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18 सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 8:39 रात – 10:24 रात12 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण अष्टमी
नक्षत्र स्वातिपाद 3
योग गण्ड इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:17 सुबह – 6:13 सुबह 56मि चर 7:09 सुबह – 8:24 सुबह 1घं 15मि अमृत 9:39 सुबह – 10:54 सुबह 1घं 15मि अभिजित मुहूर्त 12:09 दोपहर – 12:29 दोपहर 20मि शुभ 12:09 दोपहर – 1:25 दोपहर 1घं 15मि विजय मुहूर्त 1:50 दोपहर – 2:30 दोपहर 40मि चर 3:55 दोपहर – 5:10 शाम 1घं 15मि गोधूलि मुहूर्त 5:10 शाम – 5:38 शाम 28मि लाभ 8:39 रात – 10:24 रात 1घं 45मि शुभ 12:09 रात – 1:54 रात, 30 जनवरी 1घं 45मि अमृत 1:54 रात – 3:38 रात, 30 जनवरी 1घं 45मि चर 3:38 रात – 5:23 सुबह, 30 जनवरी 1घं 45मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18 चुनने के लिए 12 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 1घं 18मि
विजय मुहूर्त 1:54 दोपहर – 2:35 दोपहर 41मि
गोधूलि मुहूर्त 5:21 शाम – 5:48 शाम 27मि
शुभ 5:21 शाम – 7:03 शाम 1घं 42मि
अमृत 7:03 शाम – 8:45 रात 1घं 42मि
चर 8:45 रात – 10:28 रात 1घं 42मि
लाभ 1:52 रात – 3:34 रात, 8 फ़रवरी 1घं 42मि
शुभ 5:16 सुबह – 6:58 सुबह, 8 फ़रवरी 1घं 42मि
यह दिन क्यों शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18 चुनने के लिए 13 समय+8 शुभ 3:32 रात – 5:13 सुबह, 12 फ़रवरी11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल पंचमी
नक्षत्र रेवतीपाद 3
योग साध्य इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:07 सुबह – 6:01 सुबह 54मि चर 10:52 सुबह – 12:10 दोपहर 1घं 19मि अभिजित मुहूर्त 11:49 सुबह – 12:32 दोपहर 42मि लाभ 12:10 दोपहर – 1:29 दोपहर 1घं 19मि शुभ 4:07 शाम – 5:26 शाम 1घं 19मि गोधूलि मुहूर्त 5:26 शाम – 5:53 शाम 27मि अमृत 5:26 शाम – 7:07 शाम 1घं 41मि चर 7:07 शाम – 8:48 रात 1घं 41मि लाभ 12:10 रात – 1:51 रात, 12 फ़रवरी 1घं 41मि शुभ 3:32 रात – 5:13 सुबह, 12 फ़रवरी 1घं 41मि अमृत 5:13 सुबह – 6:54 सुबह, 12 फ़रवरी 1घं 41मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18 पंचमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 लाभ 8:49 रात – 10:29 रात12 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल षष्ठी
नक्षत्र अश्विनीपाद 2
योग शुभ इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:06 सुबह – 6:00 सुबह 54मि चर 6:54 सुबह – 8:13 सुबह 1घं 19मि अमृत 9:32 सुबह – 10:51 सुबह 1घं 19मि अभिजित मुहूर्त 12:10 दोपहर – 12:32 दोपहर 21मि शुभ 12:10 दोपहर – 1:30 दोपहर 1घं 19मि विजय मुहूर्त 1:56 दोपहर – 2:38 दोपहर 42मि चर 4:08 शाम – 5:27 शाम 1घं 19मि गोधूलि मुहूर्त 5:27 शाम – 5:54 शाम 27मि लाभ 8:49 रात – 10:29 रात 1घं 41मि शुभ 12:10 रात – 1:51 रात, 13 फ़रवरी 1घं 41मि अमृत 1:51 रात – 3:31 रात, 13 फ़रवरी 1घं 41मि चर 3:31 रात – 5:12 सुबह, 13 फ़रवरी 1घं 41मि
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यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अश्विनी नक्षत्र (तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है अश्विनी नक्षत्र — तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है+18 चुनने के लिए 12 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चर 5:31 शाम – 7:11 शाम12 समय
वार सोमवार
तिथि शुक्ल नवमी
नक्षत्र रोहिणीपाद 3
योग वैधृति इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 5:03 सुबह – 5:57 सुबह 53मि अमृत 6:50 सुबह – 8:10 सुबह 1घं 20मि शुभ 9:30 सुबह – 10:50 सुबह 1घं 20मि अभिजित मुहूर्त 12:10 दोपहर – 12:32 दोपहर 21मि लाभ 2:51 दोपहर – 4:11 शाम 1घं 20मि अमृत 4:11 शाम – 5:31 शाम 1घं 20मि गोधूलि मुहूर्त 5:31 शाम – 5:58 शाम 27मि चर 5:31 शाम – 7:11 शाम 1घं 40मि लाभ 10:30 रात – 12:10 रात, 16 फ़रवरी 1घं 40मि शुभ 1:49 रात – 3:29 रात, 16 फ़रवरी 1घं 40मि अमृत 3:29 रात – 5:09 सुबह, 16 फ़रवरी 1घं 40मि चर 5:09 सुबह – 6:49 सुबह, 16 फ़रवरी 1घं 40मि
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यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18 चुनने के लिए 12 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 10:50 सुबह – 12:10 दोपहर6 समय
वार मंगलवार
तिथि शुक्ल दशमी
नक्षत्र मृगशिरापाद 3
योग विष्कम्भ इस दिन का समय (6) ब्रह्म मुहूर्त 5:02 सुबह – 5:55 सुबह 53मि लाभ 10:50 सुबह – 12:10 दोपहर 1घं 20मि अभिजित मुहूर्त 11:49 सुबह – 12:10 दोपहर 21मि विजय मुहूर्त 1:58 दोपहर – 2:41 दोपहर 43मि गोधूलि मुहूर्त 5:32 शाम – 5:59 शाम 27मि लाभ 7:12 शाम – 8:29 रात 1घं 17मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18 दशमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 6 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 12:10 रात – 1:48 रात, 19 फ़रवरी11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 4
योग आयुष्मान इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 5:00 सुबह – 5:53 सुबह 53मि चर 10:49 सुबह – 12:10 दोपहर 1घं 21मि अभिजित मुहूर्त 11:49 सुबह – 12:32 दोपहर 43मि लाभ 12:10 दोपहर – 1:31 दोपहर 1घं 21मि शुभ 4:13 शाम – 5:35 शाम 1घं 21मि गोधूलि मुहूर्त 5:35 शाम – 6:01 शाम 26मि अमृत 5:35 शाम – 7:13 शाम 1घं 39मि चर 7:13 शाम – 8:52 रात 1घं 39मि लाभ 12:10 रात – 1:48 रात, 19 फ़रवरी 1घं 39मि शुभ 3:27 रात – 5:06 सुबह, 19 फ़रवरी 1घं 39मि अमृत 5:06 सुबह – 6:45 सुबह, 19 फ़रवरी 1घं 39मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चर 6:45 सुबह – 8:06 सुबह9 समय
वार शुक्रवार
तिथि शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्र पुष्यपाद 4
योग सौभाग्य इस दिन का समय (9) ब्रह्म मुहूर्त 4:59 सुबह – 5:52 सुबह 53मि चर 6:45 सुबह – 8:06 सुबह 1घं 21मि अमृत 9:27 सुबह – 10:49 सुबह 1घं 21मि अभिजित मुहूर्त 12:10 दोपहर – 12:32 दोपहर 22मि शुभ 12:10 दोपहर – 1:32 दोपहर 1घं 21मि विजय मुहूर्त 1:59 दोपहर – 2:42 दोपहर 43मि चर 4:14 शाम – 5:36 शाम 1घं 21मि गोधूलि मुहूर्त 5:36 शाम – 6:02 शाम 26मि लाभ 8:53 रात – 9:30 रात 38मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18 चुनने के लिए 9 समय+8 शुभ 10:32 रात – 12:09 रात, 24 फ़रवरी9 समय
वार मंगलवार
तिथि कृष्ण तृतीया
नक्षत्र हस्तपाद 2
योग शूल इस दिन का समय (9) ब्रह्म मुहूर्त 4:55 सुबह – 5:47 सुबह 52मि लाभ 11:19 सुबह – 12:10 दोपहर 50मि अभिजित मुहूर्त 11:48 सुबह – 12:10 दोपहर 22मि विजय मुहूर्त 2:00 दोपहर – 2:44 दोपहर 44मि गोधूलि मुहूर्त 5:40 शाम – 6:06 शाम 26मि लाभ 7:18 शाम – 8:55 रात 1घं 37मि शुभ 10:32 रात – 12:09 रात, 24 फ़रवरी 1घं 37मि अमृत 12:09 रात – 1:46 रात, 24 फ़रवरी 1घं 37मि चर 1:46 रात – 3:23 रात, 24 फ़रवरी 1घं 37मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 9 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Shula योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 चर 10:32 रात – 12:09 रात, 25 फ़रवरी10 समय
वार बुधवार
तिथि कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्र चित्रापाद 2
योग गण्ड इस दिन का समय (10) ब्रह्म मुहूर्त 4:54 सुबह – 5:46 सुबह 52मि लाभ 6:37 सुबह – 8:00 सुबह 1घं 23मि विजय मुहूर्त 2:00 दोपहर – 2:44 दोपहर 44मि चर 2:56 दोपहर – 4:19 शाम 1घं 23मि लाभ 4:19 शाम – 5:42 शाम 1घं 23मि गोधूलि मुहूर्त 5:42 शाम – 6:07 शाम 26मि शुभ 7:18 शाम – 8:55 रात 1घं 37मि अमृत 8:55 रात – 10:32 रात 1घं 37मि चर 10:32 रात – 12:09 रात, 25 फ़रवरी 1घं 37मि लाभ 3:22 रात – 4:59 सुबह, 25 फ़रवरी 1घं 37मि
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यह दिन क्यों शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18 चुनने के लिए 10 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 अमृत 5:43 शाम – 7:19 शाम11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण पंचमी
नक्षत्र स्वातिपाद 2
योग वृद्धि इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 4:53 सुबह – 5:44 सुबह 52मि चर 10:46 सुबह – 12:09 दोपहर 1घं 23मि अभिजित मुहूर्त 11:47 सुबह – 12:32 दोपहर 44मि लाभ 12:09 दोपहर – 1:33 दोपहर 1घं 23मि शुभ 4:19 शाम – 5:43 शाम 1घं 23मि गोधूलि मुहूर्त 5:43 शाम – 6:08 शाम 26मि अमृत 5:43 शाम – 7:19 शाम 1घं 36मि चर 7:19 शाम – 8:56 रात 1घं 36मि लाभ 12:09 रात – 1:45 रात, 26 फ़रवरी 1घं 36मि शुभ 3:22 रात – 4:58 सुबह, 26 फ़रवरी 1घं 36मि अमृत 4:58 सुबह – 6:34 सुबह, 26 फ़रवरी 1घं 36मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18 पंचमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 शुभ 12:08 दोपहर – 1:34 दोपहर 1घं 26मि
विजय मुहूर्त 2:02 दोपहर – 2:48 दोपहर 46मि
चर 4:26 शाम – 5:52 शाम 1घं 26मि
गोधूलि मुहूर्त 5:52 शाम – 6:17 शाम 25मि
लाभ 8:59 रात – 10:33 रात 1घं 34मि
शुभ 12:07 रात – 1:34 रात, 6 मार्च 1घं 27मि
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18 त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 10 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 शुभ 7:30 शाम – 9:02 रात10 समय
वार बुधवार
तिथि शुक्ल तृतीया
नक्षत्र रेवतीपाद 1
योग शुक्ल इस दिन का समय (10) ब्रह्म मुहूर्त 4:37 सुबह – 5:27 सुबह 49मि लाभ 6:16 सुबह – 7:44 सुबह 1घं 28मि विजय मुहूर्त 2:04 दोपहर – 2:50 दोपहर 47मि चर 3:02 दोपहर – 4:30 शाम 1घं 28मि लाभ 4:30 शाम – 5:57 शाम 1घं 28मि गोधूलि मुहूर्त 5:57 शाम – 6:22 शाम 25मि शुभ 7:30 शाम – 9:02 रात 1घं 32मि अमृत 9:02 रात – 10:34 रात 1घं 32मि चर 10:34 रात – 12:06 रात, 11 मार्च 1घं 32मि लाभ 3:10 रात – 4:42 सुबह, 11 मार्च 1घं 32मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 10 समय+8 अमृत 4:41 सुबह – 6:13 सुबह, 12 मार्च6 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल चतुर्थी
नक्षत्र अश्विनीपाद 1
योग ब्रह्म इस दिन का समय (6) ब्रह्म मुहूर्त 4:36 सुबह – 5:25 सुबह 49मि चर 10:38 सुबह – 12:06 दोपहर 1घं 28मि अभिजित मुहूर्त 11:43 सुबह – 12:30 दोपहर 47मि लाभ 12:06 दोपहर – 1:34 दोपहर 1घं 28मि शुभ 4:30 शाम – 4:51 शाम 20मि अमृत 4:41 सुबह – 6:13 सुबह, 12 मार्च 1घं 32मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अश्विनी नक्षत्र (तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है अश्विनी नक्षत्र — तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है+18 चुनने के लिए 6 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 अमृत 7:33 शाम – 9:03 रात11 समय
वार रविवार
तिथि शुक्ल सप्तमी
नक्षत्र रोहिणीपाद 2
योग विष्कम्भ इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 4:32 सुबह – 5:21 सुबह 49मि चर 7:38 सुबह – 9:07 सुबह 1घं 29मि लाभ 9:07 सुबह – 10:36 सुबह 1घं 29मि अमृत 10:36 सुबह – 12:06 दोपहर 1घं 29मि अभिजित मुहूर्त 11:42 सुबह – 12:06 दोपहर 24मि शुभ 1:35 दोपहर – 3:04 दोपहर 1घं 29मि विजय मुहूर्त 2:04 दोपहर – 2:52 दोपहर 47मि गोधूलि मुहूर्त 6:02 शाम – 6:26 शाम 24मि शुभ 6:02 शाम – 7:33 शाम 1घं 31मि अमृत 7:33 शाम – 9:03 रात 1घं 31मि चर 9:03 रात – 10:34 रात 1घं 31मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
68 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18 सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 चर 6:03 शाम – 7:33 शाम10 समय
वार सोमवार
तिथि शुक्ल अष्टमी
नक्षत्र मृगशिरापाद 2
योग आयुष्मान इस दिन का समय (10) ब्रह्म मुहूर्त 4:31 सुबह – 5:19 सुबह 48मि अभिजित मुहूर्त 12:05 दोपहर – 12:29 दोपहर 24मि लाभ 3:04 दोपहर – 4:33 शाम 1घं 29मि अमृत 4:33 शाम – 6:03 शाम 1घं 29मि गोधूलि मुहूर्त 6:03 शाम – 6:27 शाम 24मि चर 6:03 शाम – 7:33 शाम 1घं 30मि लाभ 10:34 रात – 12:04 रात, 16 मार्च 1घं 30मि शुभ 1:35 रात – 3:05 रात, 16 मार्च 1घं 30मि अमृत 3:05 रात – 4:36 सुबह, 16 मार्च 1घं 30मि चर 4:36 सुबह – 6:06 सुबह, 16 मार्च 1घं 30मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
76 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18 चुनने के लिए 10 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 लाभ 6:04 सुबह – 7:34 सुबह10 समय
वार बुधवार
तिथि शुक्ल दशमी
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 2
योग शोभन इस दिन का समय (10) ब्रह्म मुहूर्त 4:28 सुबह – 5:16 सुबह 48मि लाभ 6:04 सुबह – 7:34 सुबह 1घं 30मि विजय मुहूर्त 2:05 दोपहर – 2:53 दोपहर 48मि चर 3:05 दोपहर – 4:35 शाम 1घं 30मि लाभ 4:35 शाम – 6:05 शाम 1घं 30मि गोधूलि मुहूर्त 6:05 शाम – 6:29 शाम 24मि शुभ 7:35 शाम – 9:04 रात 1घं 30मि अमृत 9:04 रात – 10:34 रात 1घं 30मि चर 10:34 रात – 12:04 रात, 18 मार्च 1घं 30मि लाभ 3:03 रात – 4:33 सुबह, 18 मार्च 1घं 30मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 दशमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 10 समय+8 शुभ 4:36 शाम – 6:06 शाम8 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल एकादशी
नक्षत्र पुष्यपाद 3
योग अतिगण्ड इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 4:27 सुबह – 5:15 सुबह 48मि शुभ 4:36 शाम – 6:06 शाम 1घं 30मि गोधूलि मुहूर्त 6:06 शाम – 6:30 शाम 24मि अमृत 6:06 शाम – 7:35 शाम 1घं 29मि चर 7:35 शाम – 9:05 रात 1घं 29मि लाभ 12:04 रात – 1:33 रात, 19 मार्च 1घं 29मि शुभ 3:02 रात – 4:32 सुबह, 19 मार्च 1घं 29मि अमृत 4:32 सुबह – 6:01 सुबह, 19 मार्च 1घं 29मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18 एकादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 10:31 सुबह – 12:03 दोपहर9 समय
वार मंगलवार
तिथि कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र हस्तपाद 4
योग ध्रुव इस दिन का समय (9) ब्रह्म मुहूर्त 4:21 सुबह – 5:08 सुबह 47मि लाभ 10:31 सुबह – 12:03 दोपहर 1घं 32मि अभिजित मुहूर्त 11:38 सुबह – 12:03 दोपहर 25मि विजय मुहूर्त 2:06 दोपहर – 2:55 दोपहर 49मि गोधूलि मुहूर्त 6:11 शाम – 6:35 शाम 23मि लाभ 7:39 शाम – 9:07 रात 1घं 28मि शुभ 10:34 रात – 12:02 रात, 24 मार्च 1घं 28मि अमृत 12:02 रात – 1:30 रात, 24 मार्च 1घं 28मि चर 1:30 रात – 2:57 रात, 24 मार्च 1घं 28मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 9 समय+8 लाभ 5:53 सुबह – 7:25 सुबह3 समय
वार बुधवार
तिथि कृष्ण तृतीया
नक्षत्र चित्रापाद 4
योग व्याघात इस दिन का समय (3) ब्रह्म मुहूर्त 4:19 सुबह – 5:06 सुबह 47मि लाभ 5:53 सुबह – 7:25 सुबह 1घं 32मि लाभ 2:56 रात – 4:24 सुबह, 25 मार्च 1घं 27मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
66 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18 तृतीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 3 समय+6 चुनने से पहले यह जान लें Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 चर 10:30 सुबह – 12:02 दोपहर11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्र स्वातिपाद 4
योग हर्षण इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 4:18 सुबह – 5:05 सुबह 47मि चर 10:30 सुबह – 12:02 दोपहर 1घं 33मि अभिजित मुहूर्त 11:38 सुबह – 12:27 दोपहर 49मि लाभ 12:02 दोपहर – 1:35 दोपहर 1घं 33मि शुभ 4:41 शाम – 6:13 शाम 1घं 33मि गोधूलि मुहूर्त 6:13 शाम – 6:37 शाम 23मि अमृत 6:13 शाम – 7:40 शाम 1घं 27मि चर 7:40 शाम – 9:07 रात 1घं 27मि लाभ 12:02 रात – 1:29 रात, 26 मार्च 1घं 27मि शुभ 2:56 रात – 4:23 सुबह, 26 मार्च 1घं 27मि अमृत 4:23 सुबह – 5:50 सुबह, 26 मार्च 1घं 27मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18 चुनने के लिए 11 समय+8 चर 7:45 शाम – 9:10 रात 1घं 25मि
लाभ 11:59 रात – 1:24 रात, 2 अप्रैल 1घं 25मि
शुभ 2:49 रात – 4:13 सुबह, 2 अप्रैल 1घं 25मि
अमृत 4:13 सुबह – 5:38 सुबह, 2 अप्रैल 1घं 25मि
यह दिन क्यों अति शुभ — श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18 दशमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 8 समय+8 चर 5:38 सुबह – 7:13 सुबह12 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण एकादशी
नक्षत्र धनिष्ठापाद 1
योग साध्य इस दिन का समय (12) ब्रह्म मुहूर्त 4:08 सुबह – 4:53 सुबह 45मि चर 5:38 सुबह – 7:13 सुबह 1घं 35मि अमृत 8:49 सुबह – 10:24 सुबह 1घं 35मि अभिजित मुहूर्त 12:00 दोपहर – 12:25 दोपहर 25मि शुभ 12:00 दोपहर – 1:35 दोपहर 1घं 35मि विजय मुहूर्त 2:07 दोपहर – 2:58 दोपहर 51मि चर 4:46 शाम – 6:22 शाम 1घं 35मि गोधूलि मुहूर्त 6:22 शाम – 6:44 शाम 22मि लाभ 9:11 रात – 10:35 रात 1घं 24मि शुभ 11:59 रात – 1:23 रात, 3 अप्रैल 1घं 24मि अमृत 1:23 रात – 2:48 रात, 3 अप्रैल 1घं 24मि चर 2:48 रात – 4:12 सुबह, 3 अप्रैल 1घं 24मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18 एकादशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 12 समय+8 लाभ 5:30 सुबह – 7:07 सुबह10 समय
वार बुधवार
तिथि शुक्ल प्रतिपदा
नक्षत्र रेवतीपाद 4
योग वैधृति इस दिन का समय (10) ब्रह्म मुहूर्त 4:01 सुबह – 4:46 सुबह 44मि लाभ 5:30 सुबह – 7:07 सुबह 1घं 37मि विजय मुहूर्त 2:08 दोपहर – 3:00 दोपहर 52मि चर 3:13 दोपहर – 4:50 शाम 1घं 37मि लाभ 4:50 शाम – 6:27 शाम 1घं 37मि गोधूलि मुहूर्त 6:27 शाम – 6:49 शाम 22मि शुभ 7:50 शाम – 9:12 रात 1घं 23मि अमृत 9:12 रात – 10:35 रात 1घं 23मि चर 10:35 रात – 11:58 रात 1घं 23मि लाभ 2:43 रात – 4:06 सुबह, 8 अप्रैल 1घं 23मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों शुभ — रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18 चुनने के लिए 10 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 चर 10:21 सुबह – 11:58 सुबह11 समय
वार गुरुवार
तिथि शुक्ल द्वितीया
नक्षत्र अश्विनीपाद 4
योग विष्कम्भ इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 4:00 सुबह – 4:44 सुबह 44मि चर 10:21 सुबह – 11:58 सुबह 1घं 37मि अभिजित मुहूर्त 11:32 सुबह – 12:24 दोपहर 52मि लाभ 11:58 सुबह – 1:36 दोपहर 1घं 37मि शुभ 4:51 शाम – 6:28 शाम 1घं 37मि गोधूलि मुहूर्त 6:28 शाम – 6:50 शाम 22मि अमृत 6:28 शाम – 7:51 शाम 1घं 22मि चर 7:51 शाम – 9:13 रात 1घं 22मि लाभ 11:57 रात – 1:20 रात, 9 अप्रैल 1घं 22मि शुभ 2:42 रात – 4:04 सुबह, 9 अप्रैल 1घं 22मि अमृत 4:04 सुबह – 5:27 सुबह, 9 अप्रैल 1घं 22मि
समय GMT-5 में ▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अश्विनी नक्षत्र (तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है अश्विनी नक्षत्र — तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है+18 द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 11 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 चर 7:02 सुबह – 8:40 सुबह13 समय
वार रविवार
तिथि शुक्ल पंचमी
नक्षत्र मृगशिरापाद 1
योग सौभाग्य इस दिन का समय (13) ब्रह्म मुहूर्त 3:56 रात – 4:40 सुबह 44मि चर 7:02 सुबह – 8:40 सुबह 1घं 38मि लाभ 8:40 सुबह – 10:19 सुबह 1घं 38मि अमृत 10:19 सुबह – 11:57 सुबह 1घं 38मि अभिजित मुहूर्त 11:31 सुबह – 11:57 सुबह 26मि शुभ 1:36 दोपहर – 3:14 दोपहर 1घं 38मि विजय मुहूर्त 2:09 दोपहर – 3:01 दोपहर 53मि गोधूलि मुहूर्त 6:31 शाम – 6:53 शाम 22मि शुभ 6:31 शाम – 7:53 शाम 1घं 21मि अमृत 7:53 शाम – 9:14 रात 1घं 21मि चर 9:14 रात – 10:35 रात 1घं 21मि लाभ 1:18 रात – 2:39 रात, 12 अप्रैल 1घं 21मि शुभ 4:01 सुबह – 5:22 सुबह, 12 अप्रैल 1घं 21मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18 पंचमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 13 समय+8 लाभ 7:54 शाम – 9:15 रात6 समय
वार मंगलवार
तिथि शुक्ल सप्तमी
नक्षत्र पुनर्वसुपाद 1
योग सुकर्मा इस दिन का समय (6) ब्रह्म मुहूर्त 3:54 रात – 4:37 सुबह 43मि गोधूलि मुहूर्त 6:33 शाम – 6:55 शाम 22मि लाभ 7:54 शाम – 9:15 रात 1घं 21मि शुभ 10:35 रात – 11:56 रात 1घं 21मि अमृत 11:56 रात – 1:17 रात, 14 अप्रैल 1घं 21मि चर 1:17 रात – 2:38 रात, 14 अप्रैल 1घं 21मि
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यह दिन क्यों अति शुभ — पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18 सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 6 समय+8 चर 3:16 दोपहर – 4:55 शाम10 समय
वार बुधवार
तिथि शुक्ल नवमी
नक्षत्र पुष्यपाद 1
योग धृति इस दिन का समय (10) ब्रह्म मुहूर्त 3:53 रात – 4:36 सुबह 43मि लाभ 5:19 सुबह – 6:58 सुबह 1घं 39मि विजय मुहूर्त 2:09 दोपहर – 3:02 दोपहर 53मि चर 3:16 दोपहर – 4:55 शाम 1घं 39मि लाभ 4:55 शाम – 6:34 शाम 1घं 39मि गोधूलि मुहूर्त 6:34 शाम – 6:56 शाम 21मि शुभ 7:55 शाम – 9:15 रात 1घं 20मि अमृत 9:15 रात – 10:36 रात 1घं 20मि चर 10:36 रात – 11:56 रात 1घं 20मि लाभ 2:37 रात – 3:57 रात, 15 अप्रैल 1घं 20मि
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यह दिन क्यों शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18 चुनने के लिए 10 समय+8 अमृत 5:11 सुबह – 6:52 सुबह6 समय
वार सोमवार
तिथि शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्र हस्तपाद 2
योग व्याघात इस दिन का समय (6) ब्रह्म मुहूर्त 3:47 रात – 4:29 सुबह 42मि अमृत 5:11 सुबह – 6:52 सुबह 1घं 41मि शुभ 8:33 सुबह – 10:14 सुबह 1घं 41मि अभिजित मुहूर्त 11:56 सुबह – 12:22 दोपहर 27मि लाभ 3:18 दोपहर – 4:59 शाम 1घं 41मि अमृत 4:59 शाम – 6:22 शाम 1घं 23मि
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यह दिन क्यों शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18 चुनने के लिए 6 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 लाभ 10:14 सुबह – 11:55 सुबह9 समय
वार मंगलवार
तिथि शुक्ल पूर्णिमा
नक्षत्र चित्रापाद 2
योग हर्षण इस दिन का समय (9) ब्रह्म मुहूर्त 3:46 रात – 4:28 सुबह 42मि लाभ 10:14 सुबह – 11:55 सुबह 1घं 41मि अभिजित मुहूर्त 11:28 सुबह – 11:55 सुबह 27मि विजय मुहूर्त 2:10 दोपहर – 3:05 दोपहर 54मि गोधूलि मुहूर्त 6:41 शाम – 7:02 शाम 21मि लाभ 7:59 शाम – 9:18 रात 1घं 18मि शुभ 10:36 रात – 11:55 रात 1घं 18मि अमृत 11:55 रात – 1:13 रात, 21 अप्रैल 1घं 18मि चर 1:13 रात – 2:31 रात, 21 अप्रैल 1घं 18मि
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यह दिन क्यों शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18 चुनने के लिए 9 समय+8 लाभ 5:08 सुबह – 6:50 सुबह10 समय
वार बुधवार
तिथि कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्र स्वातिपाद 2
योग वज्र इस दिन का समय (10) ब्रह्म मुहूर्त 3:45 रात – 4:27 सुबह 42मि लाभ 5:08 सुबह – 6:50 सुबह 1घं 42मि विजय मुहूर्त 2:11 दोपहर – 3:05 दोपहर 54मि चर 3:18 दोपहर – 5:00 शाम 1घं 42मि लाभ 5:00 शाम – 6:42 शाम 1घं 42मि गोधूलि मुहूर्त 6:42 शाम – 7:03 शाम 21मि शुभ 8:00 रात – 9:18 रात 1घं 18मि अमृत 9:18 रात – 10:36 रात 1घं 18मि चर 10:36 रात – 11:54 रात 1घं 18मि लाभ 2:31 रात – 3:49 रात, 22 अप्रैल 1घं 18मि
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यह दिन क्यों शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
56 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18 चुनने के लिए 10 समय+8 चुनने से पहले यह जान लें Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10 चर 10:10 सुबह – 11:54 सुबह11 समय
वार गुरुवार
तिथि कृष्ण नवमी
नक्षत्र श्रवणपाद 4
योग शुभ इस दिन का समय (11) ब्रह्म मुहूर्त 3:36 रात – 4:17 सुबह 41मि चर 10:10 सुबह – 11:54 सुबह 1घं 44मि अभिजित मुहूर्त 11:26 सुबह – 12:21 दोपहर 56मि लाभ 11:54 सुबह – 1:38 दोपहर 1घं 44मि शुभ 5:06 शाम – 6:50 शाम 1घं 44मि गोधूलि मुहूर्त 6:50 शाम – 7:10 शाम 20मि अमृत 6:50 शाम – 8:06 रात 1घं 16मि चर 8:06 रात – 9:22 रात 1घं 16मि लाभ 11:53 रात – 1:09 रात, 30 अप्रैल 1घं 16मि शुभ 2:25 रात – 3:40 रात, 30 अप्रैल 1घं 16मि अमृत 3:40 रात – 4:56 सुबह, 30 अप्रैल 1घं 16मि
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यह दिन क्यों शुभ — श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18 चुनने के लिए 11 समय+8 चर 4:56 सुबह – 6:40 सुबह8 समय
वार शुक्रवार
तिथि कृष्ण नवमी
नक्षत्र धनिष्ठापाद 3
योग शुक्ल इस दिन का समय (8) ब्रह्म मुहूर्त 3:35 रात – 4:16 सुबह 40मि चर 4:56 सुबह – 6:40 सुबह 1घं 44मि अमृत 8:25 सुबह – 10:09 सुबह 1घं 44मि अभिजित मुहूर्त 11:54 सुबह – 12:21 दोपहर 28मि शुभ 11:54 सुबह – 1:38 दोपहर 1घं 44मि विजय मुहूर्त 2:13 दोपहर – 3:08 दोपहर 56मि चर 5:07 शाम – 6:51 शाम 1घं 44मि गोधूलि मुहूर्त 6:51 शाम – 7:11 शाम 20मि
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यह दिन क्यों शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
66 /100 शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18 चुनने के लिए 8 समय+8 चर 1:07 रात – 2:21 रात, 5 मई 1घं 14मि
यह दिन क्यों अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
78 /100 अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18 त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12 चुनने के लिए 5 समय+8 सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10 चुनने से पहले यह जान लें Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10