यात्रा मुहूर्त 2026-2027 — शुभ दिन
आगे 31 शुभ दिन · दिल्ली · आज से आगे
पूरा साल एक नज़र में
जिन दिनों पर निशान है वे शुभ हैं, और रंग जितना गहरा दिन उतना अच्छा। जिस महीने में एक भी नहीं, उसके नीचे वजह लिखी है — खाली नहीं छोड़ा जाता।
नवंबर 2026
लाभ 8:49 रात – 10:27 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 1
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:52 सुबह – 5:44 सुबह52मिचर6:36 सुबह – 7:58 सुबह1घं 22मिअमृत9:20 सुबह – 10:42 सुबह1घं 22मिअभिजित मुहूर्त12:05 दोपहर – 12:26 दोपहर22मिशुभ12:05 दोपहर – 1:27 दोपहर1घं 22मिविजय मुहूर्त1:54 दोपहर – 2:38 दोपहर44मिचर4:11 शाम – 5:33 शाम1घं 22मिगोधूलि मुहूर्त5:33 शाम – 5:59 शाम26मिलाभ8:49 रात – 10:27 रात1घं 38मिशुभ12:05 रात – 1:43 रात, 7 नवंबर1घं 38मिअमृत1:43 रात – 3:21 रात, 7 नवंबर1घं 38मिचर3:21 रात – 4:59 सुबह, 7 नवंबर1घं 38मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:27 शाम – 7:07 शाम11 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- श्रवणपाद 2
- योग
- गण्ड
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:58 सुबह – 5:51 सुबह53मिअमृत6:44 सुबह – 8:04 सुबह1घं 20मिशुभ9:25 सुबह – 10:45 सुबह1घं 20मिअभिजित मुहूर्त12:06 दोपहर – 12:27 दोपहर21मिलाभ2:46 दोपहर – 4:07 शाम1घं 20मिअमृत4:07 शाम – 5:27 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:27 शाम – 5:54 शाम27मिचर5:27 शाम – 7:07 शाम1घं 40मिलाभ10:26 रात – 12:06 रात, 17 नवंबर1घं 40मिशुभ1:46 रात – 3:25 रात, 17 नवंबर1घं 40मिअमृत3:25 रात – 4:20 सुबह, 17 नवंबर55मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Ganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 5:25 शाम – 7:06 शाम13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- अश्विनीपाद 1
- योग
- व्यतीपात
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त5:02 सुबह – 5:55 सुबह54मिचर8:08 सुबह – 9:28 सुबह1घं 20मिलाभ9:28 सुबह – 10:47 सुबह1घं 20मिअमृत10:47 सुबह – 12:07 दोपहर1घं 20मिअभिजित मुहूर्त11:46 सुबह – 12:07 दोपहर21मिशुभ1:27 दोपहर – 2:46 दोपहर1घं 20मिविजय मुहूर्त1:53 दोपहर – 2:35 दोपहर42मिगोधूलि मुहूर्त5:25 शाम – 5:52 शाम27मिशुभ5:25 शाम – 7:06 शाम1घं 41मिअमृत7:06 शाम – 8:46 रात1घं 41मिचर8:46 रात – 10:27 रात1घं 41मिलाभ1:48 रात – 3:29 रात, 23 नवंबर1घं 41मिशुभ5:09 सुबह – 6:50 सुबह, 23 नवंबर1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अश्विनी नक्षत्र (तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अश्विनी नक्षत्र — तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 13 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyatipata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:05 शाम – 8:46 रात8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 2
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:04 सुबह – 5:58 सुबह54मिचर10:49 सुबह – 12:08 दोपहर1घं 19मिअभिजित मुहूर्त11:47 सुबह – 12:29 दोपहर42मिलाभ12:08 दोपहर – 1:27 दोपहर1घं 19मिशुभ4:05 शाम – 5:24 शाम1घं 19मिगोधूलि मुहूर्त5:24 शाम – 5:51 शाम27मिअमृत5:24 शाम – 7:05 शाम1घं 41मिचर7:05 शाम – 8:46 रात1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
दिसंबर 2026
लाभ 8:48 रात – 10:30 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 4
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:10 सुबह – 6:04 सुबह54मिचर6:58 सुबह – 8:16 सुबह1घं 18मिअमृत9:35 सुबह – 10:53 सुबह1घं 18मिअभिजित मुहूर्त12:11 दोपहर – 12:32 दोपहर21मिशुभ12:11 दोपहर – 1:29 दोपहर1घं 18मिविजय मुहूर्त1:55 दोपहर – 2:37 दोपहर42मिचर4:06 शाम – 5:24 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त5:24 शाम – 5:51 शाम27मिलाभ8:48 रात – 10:30 रात1घं 42मिशुभ12:11 रात – 1:53 रात, 5 दिसंबर1घं 42मिअमृत1:53 रात – 3:35 रात, 5 दिसंबर1घं 42मिचर3:35 रात – 5:17 सुबह, 5 दिसंबर1घं 42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
शुभ 5:24 शाम – 7:06 शाम12 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 3
- योग
- शोभन
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:11 सुबह – 6:05 सुबह54मिचर8:18 सुबह – 9:36 सुबह1घं 18मिलाभ9:36 सुबह – 10:54 सुबह1घं 18मिअमृत10:54 सुबह – 12:12 दोपहर1घं 18मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:12 दोपहर21मिशुभ1:30 दोपहर – 2:48 दोपहर1घं 18मिविजय मुहूर्त1:56 दोपहर – 2:38 दोपहर42मिगोधूलि मुहूर्त5:24 शाम – 5:51 शाम27मिशुभ5:24 शाम – 7:06 शाम1घं 42मिअमृत7:06 शाम – 8:48 रात1घं 42मिचर8:48 रात – 10:30 रात1घं 42मिलाभ1:54 रात – 2:23 रात, 7 दिसंबर28मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 10:33 रात – 12:16 रात, 15 दिसंबर12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- श्रवणपाद 4
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:16 सुबह – 6:11 सुबह55मिअमृत7:05 सुबह – 8:23 सुबह1घं 18मिशुभ9:40 सुबह – 10:58 सुबह1घं 18मिअभिजित मुहूर्त12:16 दोपहर – 12:36 दोपहर21मिलाभ2:51 दोपहर – 4:08 शाम1घं 18मिअमृत4:08 शाम – 5:26 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त5:26 शाम – 5:53 शाम27मिचर5:26 शाम – 7:08 शाम1घं 42मिलाभ10:33 रात – 12:16 रात, 15 दिसंबर1घं 42मिशुभ1:58 रात – 3:41 रात, 15 दिसंबर1घं 42मिअमृत3:41 रात – 5:23 सुबह, 15 दिसंबर1घं 42मिचर5:23 सुबह – 7:06 सुबह, 15 दिसंबर1घं 42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
लाभ 2:01 रात – 3:44 रात, 21 दिसंबर6 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- अश्विनीपाद 3
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त5:19 सुबह – 6:14 सुबह55मिचर8:26 सुबह – 9:18 सुबह52मिअमृत8:15 रात – 8:54 रात38मिचर8:54 रात – 10:36 रात1घं 43मिलाभ2:01 रात – 3:44 रात, 21 दिसंबर1घं 43मिशुभ5:27 सुबह – 7:09 सुबह, 21 दिसंबर1घं 43मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अश्विनी नक्षत्र (तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अश्विनी नक्षत्र — तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
शुभ 12:21 रात – 2:04 रात, 26 दिसंबर12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 2
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:22 सुबह – 6:16 सुबह55मिचर7:11 सुबह – 8:29 सुबह1घं 17मिअमृत9:46 सुबह – 11:04 सुबह1घं 17मिअभिजित मुहूर्त12:21 दोपहर – 12:42 दोपहर21मिशुभ12:21 दोपहर – 1:39 दोपहर1घं 17मिविजय मुहूर्त2:04 दोपहर – 2:46 दोपहर41मिचर4:13 शाम – 5:31 शाम1घं 17मिगोधूलि मुहूर्त5:31 शाम – 5:58 शाम27मिलाभ8:56 रात – 10:39 रात1घं 43मिशुभ12:21 रात – 2:04 रात, 26 दिसंबर1घं 43मिअमृत2:04 रात – 3:46 रात, 26 दिसंबर1घं 43मिचर3:46 रात – 5:29 सुबह, 26 दिसंबर1घं 43मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
जनवरी 2027
अमृत 7:24 शाम – 9:05 रात13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- श्रवणपाद 3
- योग
- वज्र
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त5:26 सुबह – 6:21 सुबह54मिचर8:33 सुबह – 9:52 सुबह1घं 18मिलाभ9:52 सुबह – 11:10 सुबह1घं 18मिअमृत11:10 सुबह – 12:28 दोपहर1घं 18मिअभिजित मुहूर्त12:08 दोपहर – 12:28 दोपहर21मिशुभ1:47 दोपहर – 3:05 दोपहर1घं 18मिविजय मुहूर्त2:13 दोपहर – 2:55 दोपहर42मिगोधूलि मुहूर्त5:42 शाम – 6:09 शाम27मिशुभ5:42 शाम – 7:24 शाम1घं 42मिअमृत7:24 शाम – 9:05 रात1घं 42मिचर9:05 रात – 10:47 रात1घं 42मिलाभ2:10 रात – 3:52 रात, 11 जनवरी1घं 42मिशुभ5:33 सुबह – 7:15 सुबह, 11 जनवरी1घं 42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 13 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vajra योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 5:43 शाम – 7:24 शाम8 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- धनिष्ठापाद 3
- योग
- सिद्धि
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:21 सुबह54मिअमृत7:15 सुबह – 8:33 सुबह1घं 18मिशुभ9:52 सुबह – 11:10 सुबह1घं 18मिअभिजित मुहूर्त12:29 दोपहर – 12:50 दोपहर21मिलाभ3:06 दोपहर – 4:24 शाम1घं 18मिअमृत4:24 शाम – 5:43 शाम1घं 18मिगोधूलि मुहूर्त5:43 शाम – 6:10 शाम27मिचर5:43 शाम – 7:24 शाम1घं 42मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — धनिष्ठा नक्षत्र (धन और लय — व्यवस्था से बरकत)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- धनिष्ठा नक्षत्र — धन और लय — व्यवस्था से बरकत+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
अमृत 2:11 रात – 3:53 रात, 16 जनवरी7 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 2
- योग
- शिव
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:21 सुबह54मिचर7:15 सुबह – 8:34 सुबह1घं 19मिअमृत9:53 सुबह – 11:12 सुबह1घं 19मिअभिजित मुहूर्त12:30 दोपहर – 12:51 दोपहर21मिशुभ12:30 दोपहर – 1:49 दोपहर1घं 19मिअमृत2:11 रात – 3:53 रात, 16 जनवरी1घं 41मिचर3:53 रात – 5:34 सुबह, 16 जनवरी1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 7:30 शाम – 9:11 रात9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 2
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:20 सुबह54मिलाभ11:12 सुबह – 12:32 दोपहर1घं 19मिअभिजित मुहूर्त12:11 दोपहर – 12:32 दोपहर21मिविजय मुहूर्त2:18 दोपहर – 3:00 दोपहर42मिगोधूलि मुहूर्त5:49 शाम – 6:16 शाम27मिलाभ7:30 शाम – 9:11 रात1घं 41मिशुभ10:51 रात – 12:32 रात, 20 जनवरी1घं 41मिअमृत12:32 रात – 2:12 रात, 20 जनवरी1घं 41मिचर2:12 रात – 3:53 रात, 20 जनवरी1घं 41मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
शुभ 7:31 शाम – 9:11 रात10 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 3
- योग
- इन्द्र
इस दिन का समय (10)
ब्रह्म मुहूर्त5:27 सुबह – 6:20 सुबह54मिलाभ7:14 सुबह – 8:33 सुबह1घं 20मिविजय मुहूर्त2:18 दोपहर – 3:01 दोपहर42मिचर3:11 दोपहर – 4:31 शाम1घं 20मिलाभ4:31 शाम – 5:50 शाम1घं 20मिगोधूलि मुहूर्त5:50 शाम – 6:17 शाम27मिशुभ7:31 शाम – 9:11 रात1घं 40मिअमृत9:11 रात – 10:52 रात1घं 40मिचर10:52 रात – 12:32 रात, 21 जनवरी1घं 40मिलाभ3:53 रात – 5:33 सुबह, 21 जनवरी1घं 40मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 10 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
अमृत 5:57 शाम – 7:36 शाम8 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 2
- योग
- धृति
इस दिन का समय (8)
ब्रह्म मुहूर्त5:25 सुबह – 6:18 सुबह53मिशुभ4:36 शाम – 5:57 शाम1घं 21मिगोधूलि मुहूर्त5:57 शाम – 6:23 शाम26मिअमृत5:57 शाम – 7:36 शाम1घं 39मिचर7:36 शाम – 9:15 रात1घं 39मिलाभ12:34 रात – 2:13 रात, 29 जनवरी1घं 39मिशुभ3:52 रात – 5:32 सुबह, 29 जनवरी1घं 39मिअमृत5:32 सुबह – 7:11 सुबह, 29 जनवरी1घं 39मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 8 समय+8
फ़रवरी 2027
चर 7:45 शाम – 9:22 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- साध्य
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:19 सुबह – 6:11 सुबह52मिचर11:12 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 23मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:58 दोपहर44मिलाभ12:35 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 23मिशुभ4:45 शाम – 6:08 शाम1घं 23मिगोधूलि मुहूर्त6:08 शाम – 6:34 शाम26मिअमृत6:08 शाम – 7:45 शाम1घं 37मिचर7:45 शाम – 9:22 रात1घं 37मिलाभ12:35 रात – 2:12 रात, 12 फ़रवरी1घं 37मिशुभ3:49 रात – 5:25 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 37मिअमृत5:25 सुबह – 7:02 सुबह, 12 फ़रवरी1घं 37मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 7:48 शाम – 9:23 रात9 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- नक्षत्र
- मृगशिरापाद 1
- योग
- वैधृति
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त5:16 सुबह – 6:08 सुबह51मिलाभ11:11 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 24मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:35 दोपहर22मिविजय मुहूर्त2:28 दोपहर – 3:12 दोपहर45मिगोधूलि मुहूर्त6:12 शाम – 6:37 शाम26मिलाभ7:48 शाम – 9:23 रात1घं 36मिशुभ10:59 रात – 12:35 रात, 17 फ़रवरी1घं 36मिअमृत12:35 रात – 2:11 रात, 17 फ़रवरी1घं 36मिचर2:11 रात – 3:46 रात, 17 फ़रवरी1घं 36मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — मृगशिरा नक्षत्र (कोमलता — नरम शुरुआत)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- मृगशिरा नक्षत्र — कोमलता — नरम शुरुआत+18
- दशमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vaidhriti योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:49 शाम – 9:24 रात11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुपाद 2
- योग
- आयुष्मान
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:15 सुबह – 6:06 सुबह51मिचर11:11 सुबह – 12:35 दोपहर1घं 25मिअभिजित मुहूर्त12:13 दोपहर – 12:58 दोपहर45मिलाभ12:35 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 25मिशुभ4:49 शाम – 6:13 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त6:13 शाम – 6:39 शाम25मिअमृत6:13 शाम – 7:49 शाम1घं 35मिचर7:49 शाम – 9:24 रात1घं 35मिलाभ12:35 रात – 2:10 रात, 19 फ़रवरी1घं 35मिशुभ3:45 रात – 5:21 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 35मिअमृत5:21 सुबह – 6:56 सुबह, 19 फ़रवरी1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुनर्वसु नक्षत्र (लौटना और नयापन)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुनर्वसु नक्षत्र — लौटना और नयापन+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 9:24 रात – 10:59 रात12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 2
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:14 सुबह – 6:05 सुबह51मिचर6:56 सुबह – 8:21 सुबह1घं 25मिअमृत9:46 सुबह – 11:10 सुबह1घं 25मिअभिजित मुहूर्त12:35 दोपहर – 12:58 दोपहर23मिशुभ12:35 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 25मिविजय मुहूर्त2:28 दोपहर – 3:13 दोपहर45मिचर4:49 शाम – 6:14 शाम1घं 25मिगोधूलि मुहूर्त6:14 शाम – 6:39 शाम25मिलाभ9:24 रात – 10:59 रात1घं 35मिशुभ12:35 रात – 2:10 रात, 20 फ़रवरी1घं 35मिअमृत2:10 रात – 3:45 रात, 20 फ़रवरी1घं 35मिचर3:45 रात – 5:20 सुबह, 20 फ़रवरी1घं 35मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
अमृत 6:18 शाम – 7:52 शाम11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- नक्षत्र
- चित्रापाद 4
- योग
- वृद्धि
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त5:10 सुबह – 6:00 सुबह50मिचर11:08 सुबह – 12:34 दोपहर1घं 26मिअभिजित मुहूर्त12:11 दोपहर – 12:57 दोपहर46मिलाभ12:34 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 26मिशुभ4:52 शाम – 6:18 शाम1घं 26मिगोधूलि मुहूर्त6:18 शाम – 6:43 शाम25मिअमृत6:18 शाम – 7:52 शाम1घं 34मिचर7:52 शाम – 9:26 रात1घं 34मिलाभ12:34 रात – 2:08 रात, 26 फ़रवरी1घं 34मिशुभ3:42 रात – 5:16 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 34मिअमृत5:16 सुबह – 6:50 सुबह, 26 फ़रवरी1घं 34मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
मार्च 2027
चर 3:37 रात – 5:09 सुबह, 6 मार्च12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- नक्षत्र
- श्रवणपाद 1
- योग
- परिघ
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त5:04 सुबह – 5:53 सुबह49मिचर6:42 सुबह – 8:10 सुबह1घं 28मिअमृत9:38 सुबह – 11:05 सुबह1घं 28मिअभिजित मुहूर्त12:33 दोपहर – 12:56 दोपहर23मिशुभ12:33 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 28मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:16 दोपहर47मिचर4:56 शाम – 6:23 शाम1घं 28मिगोधूलि मुहूर्त6:23 शाम – 6:48 शाम25मिलाभ9:28 रात – 11:00 रात1घं 32मिशुभ12:32 रात – 2:05 रात, 6 मार्च1घं 32मिअमृत2:05 रात – 3:37 रात, 6 मार्च1घं 32मिचर3:37 रात – 5:09 सुबह, 6 मार्च1घं 32मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18
- द्वादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Parigha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:58 शाम – 9:29 रात9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 4
- योग
- ब्रह्म
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:58 सुबह – 5:47 सुबह49मिचर11:02 सुबह – 12:31 दोपहर1घं 29मिअभिजित मुहूर्त12:08 दोपहर – 12:55 दोपहर47मिलाभ12:31 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 29मिशुभ4:58 शाम – 6:27 शाम1घं 29मिगोधूलि मुहूर्त6:27 शाम – 6:51 शाम24मिअमृत6:27 शाम – 7:58 शाम1घं 31मिचर7:58 शाम – 9:29 रात1घं 31मिलाभ12:31 रात – 2:02 रात, 12 मार्च1घं 31मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 11:00 रात – 12:30 रात, 16 मार्च7 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 4
- योग
- प्रीति
इस दिन का समय (7)
ब्रह्म मुहूर्त4:55 सुबह – 5:43 सुबह48मिअमृत6:31 सुबह – 8:01 सुबह1घं 30मिशुभ9:31 सुबह – 10:52 सुबह1घं 21मिलाभ11:00 रात – 12:30 रात, 16 मार्च1घं 30मिशुभ2:00 रात – 3:30 रात, 16 मार्च1घं 30मिअमृत3:30 रात – 5:00 सुबह, 16 मार्च1घं 30मिचर5:00 सुबह – 6:30 सुबह, 16 मार्च1घं 30मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- सप्तमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 7 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चर 10:59 सुबह – 12:29 दोपहर6 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- नक्षत्र
- पुष्यपाद 1
- योग
- अतिगण्ड
इस दिन का समय (6)
ब्रह्म मुहूर्त4:52 सुबह – 5:40 सुबह48मिचर10:59 सुबह – 12:29 दोपहर1घं 30मिअभिजित मुहूर्त12:05 दोपहर – 12:54 दोपहर48मिलाभ12:29 दोपहर – 2:00 दोपहर1घं 30मिशुभ3:28 रात – 4:57 सुबह, 19 मार्च1घं 29मिअमृत4:57 सुबह – 6:27 सुबह, 19 मार्च1घं 29मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + पुष्य नक्षत्र (पोषण — सबसे टिकाऊ तारा)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- पुष्य नक्षत्र — पोषण — सबसे टिकाऊ तारा+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 6 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Atiganda योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 3:31 दोपहर – 5:03 शाम9 समय
- वार
- बुधवार
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- नक्षत्र
- चित्रापाद 2
- योग
- ध्रुव
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:47 सुबह – 5:34 सुबह47मिलाभ6:21 सुबह – 7:53 सुबह1घं 32मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:19 दोपहर49मिचर3:31 दोपहर – 5:03 शाम1घं 32मिलाभ5:03 शाम – 6:35 शाम1घं 32मिगोधूलि मुहूर्त6:35 शाम – 6:58 शाम24मिशुभ8:03 रात – 9:31 रात1घं 28मिअमृत9:31 रात – 10:59 रात1घं 28मिचर10:59 रात – 12:27 रात, 25 मार्च1घं 28मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — चित्रा नक्षत्र (कारीगरी और सुंदरता)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- चित्रा नक्षत्र — कारीगरी और सुंदरता+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
शुभ 5:03 शाम – 6:35 शाम9 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- नक्षत्र
- स्वातिपाद 2
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (9)
ब्रह्म मुहूर्त4:46 सुबह – 5:33 सुबह47मिलाभ12:38 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 21मिशुभ5:03 शाम – 6:35 शाम1घं 32मिगोधूलि मुहूर्त6:35 शाम – 6:59 शाम23मिअमृत6:35 शाम – 8:03 रात1घं 28मिचर8:03 रात – 9:31 रात1घं 28मिलाभ12:27 रात – 1:55 रात, 26 मार्च1घं 28मिशुभ3:23 रात – 4:51 सुबह, 26 मार्च1घं 28मिअमृत4:51 सुबह – 6:18 सुबह, 26 मार्च1घं 28मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — स्वाति नक्षत्र (संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- स्वाति नक्षत्र — संतुलन — अपने पैरों पर खड़ा+18
- तृतीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 9 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
अप्रैल 2027
चर 6:10 सुबह – 7:44 सुबह12 समय
- वार
- शुक्रवार
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- नक्षत्र
- श्रवणपाद 4
- योग
- सिद्ध
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:38 सुबह – 5:24 सुबह46मिचर6:10 सुबह – 7:44 सुबह1घं 34मिअमृत9:18 सुबह – 10:51 सुबह1घं 34मिअभिजित मुहूर्त12:25 दोपहर – 12:50 दोपहर25मिशुभ12:25 दोपहर – 1:59 दोपहर1घं 34मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:20 दोपहर50मिचर5:06 शाम – 6:40 शाम1घं 34मिगोधूलि मुहूर्त6:40 शाम – 7:03 शाम23मिलाभ9:32 रात – 10:58 रात1घं 26मिशुभ12:24 रात – 1:51 रात, 3 अप्रैल1घं 26मिअमृत1:51 रात – 3:17 रात, 3 अप्रैल1घं 26मिचर3:17 रात – 4:43 सुबह, 3 अप्रैल1घं 26मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + श्रवण नक्षत्र (सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है)
88/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- श्रवण नक्षत्र — सुनना और सीखना — सलाह मानी जाती है+18
- एकादशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
लाभ 12:23 दोपहर – 1:58 दोपहर11 समय
- वार
- गुरुवार
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- नक्षत्र
- अश्विनीपाद 2
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (11)
ब्रह्म मुहूर्त4:33 सुबह – 5:18 सुबह45मिचर10:48 सुबह – 12:23 दोपहर1घं 35मिअभिजित मुहूर्त11:58 सुबह – 12:49 दोपहर51मिलाभ12:23 दोपहर – 1:58 दोपहर1घं 35मिशुभ5:08 शाम – 6:43 शाम1घं 35मिगोधूलि मुहूर्त6:43 शाम – 7:06 शाम23मिअमृत6:43 शाम – 8:08 रात1घं 25मिचर8:08 रात – 9:33 रात1घं 25मिलाभ12:23 रात – 1:48 रात, 9 अप्रैल1घं 25मिशुभ3:13 रात – 4:38 सुबह, 9 अप्रैल1घं 25मिअमृत4:38 सुबह – 6:02 सुबह, 9 अप्रैल1घं 25मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + अश्विनी नक्षत्र (तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- अश्विनी नक्षत्र — तेज़ शुरुआत — काम चल पड़ता है+18
- द्वितीया — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 11 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
चर 7:36 सुबह – 9:11 सुबह13 समय
- वार
- रविवार
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र
- रोहिणीपाद 3
- योग
- सौभाग्य
इस दिन का समय (13)
ब्रह्म मुहूर्त4:30 सुबह – 5:15 सुबह45मिचर7:36 सुबह – 9:11 सुबह1घं 36मिलाभ9:11 सुबह – 10:47 सुबह1घं 36मिअमृत10:47 सुबह – 12:22 दोपहर1घं 36मिअभिजित मुहूर्त11:57 सुबह – 12:22 दोपहर25मिशुभ1:58 दोपहर – 3:34 दोपहर1घं 36मिविजय मुहूर्त2:30 दोपहर – 3:21 दोपहर51मिगोधूलि मुहूर्त6:45 शाम – 7:07 शाम22मिशुभ6:45 शाम – 8:09 रात1घं 24मिअमृत8:09 रात – 9:33 रात1घं 24मिचर9:33 रात – 10:58 रात1घं 24मिलाभ1:46 रात – 3:11 रात, 12 अप्रैल1घं 24मिशुभ4:35 सुबह – 5:59 सुबह, 12 अप्रैल1घं 24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — रोहिणी नक्षत्र (बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रोहिणी नक्षत्र — बढ़त और सुंदरता — फलता-फूलता है+18
- पंचमी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 13 समय+8
अमृत 5:12 शाम – 6:49 शाम12 समय
- वार
- सोमवार
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- नक्षत्र
- हस्तपाद 1
- योग
- व्याघात
इस दिन का समय (12)
ब्रह्म मुहूर्त4:23 सुबह – 5:08 सुबह44मिअमृत5:52 सुबह – 7:29 सुबह1घं 37मिशुभ9:06 सुबह – 10:43 सुबह1घं 37मिअभिजित मुहूर्त12:21 दोपहर – 12:46 दोपहर26मिलाभ3:35 दोपहर – 5:12 शाम1घं 37मिअमृत5:12 शाम – 6:49 शाम1घं 37मिगोधूलि मुहूर्त6:49 शाम – 7:11 शाम22मिचर6:49 शाम – 8:12 रात1घं 23मिलाभ10:57 रात – 12:20 रात, 20 अप्रैल1घं 23मिशुभ1:43 रात – 3:05 रात, 20 अप्रैल1घं 23मिअमृत3:05 रात – 4:28 सुबह, 20 अप्रैल1घं 23मिचर4:28 सुबह – 4:52 सुबह, 20 अप्रैल24मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — हस्त नक्षत्र (काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है)
68/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- हस्त नक्षत्र — काम करने वाला हाथ — काम अच्छा बनता है+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 12 समय+8
चुनने से पहले यह जान लें
- Vyaghata योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
मई 2027
लाभ 10:38 सुबह – 12:18 दोपहर5 समय
- वार
- मंगलवार
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- नक्षत्र
- रेवतीपाद 1
- योग
- विष्कम्भ
इस दिन का समय (5)
ब्रह्म मुहूर्त4:13 सुबह – 4:55 सुबह43मिलाभ10:38 सुबह – 12:18 दोपहर1घं 40मिअभिजित मुहूर्त11:51 सुबह – 12:18 दोपहर27मिविजय मुहूर्त2:31 दोपहर – 3:25 दोपहर53मिगोधूलि मुहूर्त6:58 शाम – 7:19 शाम21मिसमय IST में▤ कैलेंडर में जोड़ें
यह दिन क्यों
अति शुभ — सर्वार्थ सिद्धि योग + रेवती नक्षत्र (सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय)
78/100अति शुभ
यह दिन अच्छा क्यों है
- रेवती नक्षत्र — सुरक्षित पहुँच — पालन और आश्रय+18
- त्रयोदशी — पसंदीदा तिथि+12
- चुनने के लिए 5 समय+8
- सर्वार्थ सिद्धि योग — हर काम बनता है, ऐसा कहा जाता है+10
चुनने से पहले यह जान लें
- Vishkambha योग — शास्त्र इससे बचने को कहते हैं-10
ये दिन कैसे चुने जाते हैं
दिन किस बात से तय होता है
पहले सौर मास — कुछ राशियों में सूर्य हो तो विवाह नहीं होता। फिर उस दिन के सूर्योदय का नक्षत्र। फिर वे समय जिनमें कोई शुभ काम शुरू नहीं होता: चातुर्मास, अधिक मास, पितृ पक्ष।
दर्जा किस बात से
वार और तिथि पसंद की बात हैं, रोक की नहीं। शास्त्र इन्हें सौर मास और नक्षत्र से नीचे रखते हैं, और जिन पंचांगों से हम मिलान करते हैं वे ऐसे दिन भी छापते हैं। इसलिए ऐसा दिन हम देते हैं और साथ में लिख देते हैं कि क्या कम है — फ़ैसला आपका।
समय कौन-सा
वही नाम वाले मुहूर्त जो परंपरा में हैं — अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त, गोधूलि, और शुभ चौघड़िया — उनमें से राहु काल, गुलिक, यमगंड और भद्रा काट कर। बीच के बचे हुए ख़ाली समय नहीं, जिनका कोई उपयोग नहीं।
पंचांगों से कितना मिलता है
2026 के लिए दिल्ली में दृक पंचांग जो 59 विवाह तिथियाँ छापता है, वे सब हमारे पास हैं। कुछ और भी हैं जो उनके पास नहीं — उनकी सूची चुनी हुई है, महीने में पाँच के आसपास; हमारी में हर वह दिन है जो नियमों पर खरा उतरता है। हर दिन के साथ उसका दर्जा लिखा है।
यह क्या नहीं है
तारीख़ और जगह से निकला मुहूर्त सबके लिए एक जैसा है। किसी ख़ास जोड़े के लिए इनमें से दिन चुनना सलाह का काम है, और यह पन्ना वह होने का दावा नहीं करता — यहाँ किसी की जन्म कुंडली नहीं ली गई।
Muhurta Chintamani (Rama Daivajna) · Bhaktimala, "Yatra — setting out on a journey."