आमलकी एकादशी 2033 — शुक्रवार, 11-03-2033
आमलकी एकादशी 2033: शुक्रवार, 11-03-2033। दिल्ली में पारण (व्रत खोलना): शनिवार, 12-03-2033, 6:34 सुबह से 8:56 सुबह तक।
फाल्गुन शुक्ल एकादशी।
तिथि आरंभ8:18 रात10-03-2033
तिथि समाप्त9:50 रात11-03-2033
पारण (व्रत खोलने का समय)6:34 सुबह – 8:56 सुबहशनिवार, 12-03-2033 · दिल्ली में
क्या किया जाता है
आंवले के पेड़ की एकादशी, जिसकी आज भगवान विष्णु का वास मानकर पूजा होती है। लोग पेड़ में जल देते हैं, परिक्रमा करते हैं और उसके नीचे बैठकर पूजा करते हैं। काशी में यह रंगभरी एकादशी है, जब काशी विश्वनाथ मंदिर में रंगों से होली शुरू होती है। हर एकादशी की तरह यह भगवान विष्णु के लिए रखी जाती है: चावल और अनाज नहीं खाए जाते, और व्रत अगले दिन द्वादशी को, इस पन्ने पर दिए पारण के समय खोला जाता है।
आमलकी एकादशी की आरती और कथा
दिल्ली में दिन के मुहूर्त
| नाम | समय |
|---|---|
| Brahma Muhurta | 4:58 सुबह – 5:47 सुबह |
| Pratah Sandhya | 5:22 सुबह – 6:35 सुबह |
| Gulika | 8:04 सुबह – 9:33 सुबह |
| Rahu Kaal | 11:02 सुबह – 12:31 दोपहर |
| Abhijit | 12:08 दोपहर – 12:55 दोपहर |
| Vijaya Muhurta | 2:30 दोपहर – 3:17 दोपहर |
| Yamaganda | 3:29 दोपहर – 4:58 शाम |
| Godhuli Muhurta | 6:27 शाम – 6:52 शाम |
| Sayahna Sandhya | 6:27 शाम – 7:40 शाम |
| Nishita Muhurta | 12:06 रात – 12:55 रात, 12 मार्च |
आमलकी एकादशी दूसरे सालों में
| 2032 | सोमवार, 22-03-2032 |
| 2033 | शुक्रवार, 11-03-2033 |
| 2034 | मंगलवार, 28-02-2034 |
| 2035 | मंगलवार, 20-03-2035 |
| 2036 | शनिवार, 08-03-2036 |
| 2037 | गुरुवार, 26-02-2037 |