आमलकी एकादशी 2034 — मंगलवार, 28-02-2034
आमलकी एकादशी 2034: मंगलवार, 28-02-2034। दिल्ली में पारण (व्रत खोलना): बुधवार, 01-03-2034, 1:44 दोपहर से 4:02 शाम तक।
फाल्गुन शुक्ल एकादशी।
तिथि आरंभ6:40 सुबह28-02-2034
तिथि समाप्त5:59 सुबह, 1 मार्च01-03-2034
पारण (व्रत खोलने का समय)1:44 दोपहर – 4:02 शामबुधवार, 01-03-2034 · दिल्ली में
क्या किया जाता है
आंवले के पेड़ की एकादशी, जिसकी आज भगवान विष्णु का वास मानकर पूजा होती है। लोग पेड़ में जल देते हैं, परिक्रमा करते हैं और उसके नीचे बैठकर पूजा करते हैं। काशी में यह रंगभरी एकादशी है, जब काशी विश्वनाथ मंदिर में रंगों से होली शुरू होती है। हर एकादशी की तरह यह भगवान विष्णु के लिए रखी जाती है: चावल और अनाज नहीं खाए जाते, और व्रत अगले दिन द्वादशी को, इस पन्ने पर दिए पारण के समय खोला जाता है।
आमलकी एकादशी की आरती और कथा
दिल्ली में दिन के मुहूर्त
| नाम | समय |
|---|---|
| Brahma Muhurta | 5:08 सुबह – 5:57 सुबह |
| Pratah Sandhya | 5:32 सुबह – 6:47 सुबह |
| Yamaganda | 9:40 सुबह – 11:07 सुबह |
| Abhijit | 12:11 दोपहर – 12:57 दोपहर |