ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
oṁ namo bhagavate vāsudevāya
अर्थ
बारह अक्षरों का मंत्र — इसीलिए द्वादशाक्षर कहलाता है। अर्थ: भगवान वासुदेव को नमन। यह वैष्णव परंपरा का मूल मंत्र है, भागवत में ध्रुव को नारद जी ने यही दिया था। शरण का मंत्र है — जब कुछ समझ न आए, तब का।
जाप कैसे करें
गुरुवार और एकादशी के दिन विशेष। नियमित जाप 108 की माला से; परंपरा में इसे धीमे, अर्थ के साथ जपने को कहा गया है — गिनती से ज़्यादा ध्यान।
इस नाम के पाठ
- ॐ जय जगदीश हरे — विष्णु जी की आरती
- सत्यनारायण जी की आरती — जय लक्ष्मीरमणा
- सत्यनारायण व्रत कथा
- पापमोचनी एकादशी व्रत कथा
- कामदा एकादशी व्रत कथा
- वरूथिनी एकादशी व्रत कथा
- मोहिनी एकादशी व्रत कथा
- अपरा एकादशी व्रत कथा
- निर्जला एकादशी व्रत कथा
- योगिनी एकादशी व्रत कथा
- देवशयनी एकादशी व्रत कथा
- देवउठनी एकादशी व्रत कथा
- उत्पन्ना एकादशी व्रत कथा
- मोक्षदा एकादशी व्रत कथा
- आमलकी एकादशी व्रत कथा
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या यह और ॐ नमो नारायणाय एक ही मंत्र हैं?
नहीं — दोनों विष्णु के मंत्र हैं पर अलग। नारायणाय आठ अक्षर का अष्टाक्षर है, वासुदेवाय बारह का द्वादशाक्षर। दोनों परंपरा में बड़े माने गए हैं।